Guwahati. असम के कामाख्या रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 57 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है. सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये सभी संदिग्ध अपनी यात्रा के लिए सुरक्षित आवागमन के माध्यम के रूप में भारतीय रेलवे का इस्तेमाल कर रहे थे. इन सभी को ब्रह्मपुत्र मेल के जरिए असम पहुंचते समय दबोचा गया, जिसके बाद इनके यात्रा मार्ग और राज्य में आने के वास्तविक कारणों की गहराई से छानबीन शुरू कर दी गई है.
सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों की पहचान तथा उनके पास से बरामद दस्तावेजों की सत्यता की कड़ी जांच की जा रही है. उनकी राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि के लिए सत्यापन प्रक्रिया अभी जारी है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इनके जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से असम पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जो यह संकेत देता है कि ये लोग सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए लंबी दूरी की रेल यात्रा का उपयोग कर रहे थे. यह पूरी कार्रवाई असम में बिना वैध दस्तावेजों के और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है.
गौरतलब है कि इससे पहले भी गुवाहाटी पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में रेलवे नेटवर्क का उपयोग करने वाले संदिग्धों पर नकेल कसी है. 8 अक्टूबर को दिसपुर पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया था, वहीं पलटन बाजार रेलवे स्टेशन पर लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था.
इन मामलों से जुड़े होटलों और अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की गई है. कामाख्या रेलवे स्टेशन पर 57 लोगों की यह बड़ी गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि संदिग्ध तत्व देश के विभिन्न हिस्सों से असम पहुंचने के लिए सुरक्षित परिवहन के रूप में ट्रेनों का सहारा ले रहे थे. फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी और सत्यापन प्रक्रिया जारी है.



