NEW DELHI/PRAYAGRAJ. उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ी सुविधा का ऐलान किया है. अक्सर बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय प्लेटफॉर्म और कोच के बीच के अंतर के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था.
इस समस्या को खत्म करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज मंडल के तहत 36 रेलवे स्टेशनों पर हाई-लेवल प्लेटफॉर्म का निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया गया है. सूत्रों के अनुसार इस कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है और दिसंबर 2027 तक सभी योजनाएं पूरी की ली जायेंगी.
क्या है योजना और क्या होगा फायदा?
रेलवे की इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और उनके सफर को आरामदायक बनाना है. सामान्यत: ब्रॉड गेज रेलवे लाइनों पर हाई-लेवल प्लेटफॉर्म की ऊंचाई रेल पटरी की सतह से 760 से 840 मिलीमीटर के बीच रखी जाती है (जबकि कुछ उपनगरीय स्टेशनों पर यह 920 मिमी तक होती है).
प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ने से:
- ट्रेन की बोगी और प्लेटफॉर्म के बीच का अंतर लगभग खत्म हो जाएगा.
- ट्रेन में चढ़ने-उतरने के दौरान फिसलने या गिरने की दुर्घटनाओं में कमी आएगी.
- बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्री बिना किसी झिझक या शारीरिक कष्ट के आराम से ट्रेन पकड़ सकेंगे.
किन स्टेशनों पर हो रहा है काम?
प्रयागराज मंडल में इस महा-परियोजना के तहत कुल 39 स्टेशनों के 55 प्लेटफॉर्मों को हाई-लेवल में बदलने की मंजूरी दी गई है. इनमें से 36 स्टेशनों के 51 प्लेटफॉर्मों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 23 स्टेशनों पर निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है.
योजना में शामिल प्रमुख स्टेशन:
- प्रयागराज-मिर्जापुर रूट: पहाड़ा, मेजा रोड, गैपुरा.
- कानपुर व आसपास के क्षेत्र: शुजातपुर, बम्हरौली, कनवार, मनोहरगंज, रूमा, मलवां, चकेरी, चंदारी, करबिगवां, प्रेमपुर, रसूलाबाद, सिरसौल.
- इटावा-टुंडला-मैनपुरी सेक्शन: कंचौसी, पाता, भोंगांव, कौरारा, भदान, बलरई, जसवंतनगर, निबकरोरी, मैनपुरी, माखनपुर.
- अन्य रूट: जलेसर रोड, सासनी, हाथरस जंक्शन, बरहन जंक्शन, मंजूरगढ़ी.
कब तक पूरा होगा निर्माण कार्य?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी स्टेशनों का काम एक साथ पूरा न होकर चरणबद्ध तरीके (Phased Manner) से किया जा रहा है.
- अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक: पहाड़ा, मेजा रोड, गैपुरा, रूमा, चकेरी और जसवंतनगर जैसे प्रमुख स्टेशनों का काम पूरा करने का लक्ष्य है.
- जनवरी से मध्य 2027 तक: बम्हरौली, हाथरस जंक्शन, बरहन जंक्शन, मैथा और कंचौसी समेत बाकी प्लेटफॉर्मों का काम पूरा होगा.
- अंतिम समयसीमा: पूरी योजना के तहत स्वीकृत सभी 55 प्लेटफॉर्मों के निर्माण का लक्ष्य दिसंबर 2027 तक निर्धारित किया गया है.
इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद उत्तर प्रदेश के लाखों दैनिक और लंबी दूरी के यात्रियों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा.




