NEW DELHI. रेलवे ने अपने सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है. अब रेलवे पास धारक राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी देश की चुनिंदा प्रीमियम ट्रेनों में अपनी निर्धारित पात्रता से एक श्रेणी ऊपर यात्रा करने के अधिकारी होंगे. हालांकि, इस उच्च श्रेणी का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को दोनों श्रेणियों के बीच के किराये के अंतर का भुगतान करना होगा. रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है.
क्या होगा अवसर
- प्रीमियम ट्रेनों में अपग्रेड का मौका: रेलकर्मी अब राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी ट्रेनों में अपनी तय श्रेणी से एक उच्च श्रेणी में सफर का आनंद ले सकेंगे.
- देना होगा किराए का अंतर: उच्च श्रेणी में सफर करने के लिए पास धारकों को केवल दोनों श्रेणियों के किराए के अंतर का ही भुगतान करना होगा.
- इन्हें मिलेगा सीधा लाभ: यह विशेष सुविधा प्रिविलेज पास (PP), पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास (PRCP) और विडो पास (WP) धारकों के लिए उपलब्ध होगी.
- वंदे भारत और गतिमान एक्सप्रेस भी शामिल: नई पात्रता तालिकाओं में आधुनिक वंदे भारत और गतिमान एक्सप्रेस को भी जगह मिली है, जहां शताब्दी के अनुरूप चेयर कार (CC) और एग्जीक्यूटिव चेयर कार (EC) की पात्रता लागू होगी.
रेलवे बोर्ड ने नियमों में किया संशोधन
लंबे समय से यह मामला उठाया जा रहा था कि क्या रेलवे कर्मचारी अतिरिक्त किराया चुकाकर अपनी पात्रता से ऊपर की क्लास में सफर कर सकते हैं. इस पर गंभीर विचार-विमर्श के बाद, रेलवे बोर्ड ने रेलवे सर्वेंट्स (पास) रूल्स, 1986 के नियम 3(x) के तहत इसकी आधिकारिक अनुमति दे दी है.
इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को पूरी तरह से मुफ्त तो उच्च श्रेणी नहीं मिलेगी, लेकिन वे मामूली अंतर की राशि देकर अधिक आरामदायक सफर का विकल्प चुन सकेंगे. विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले कर्मचारियों और वरिष्ठ पेंशनभोगियों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है.
ई-पास मॉड्यूल में होंगे जरूरी बदलाव
रेलवे बोर्ड ने क्रिस (CRIS) को एचआरएमएस और पीआरएस ई-पास मॉड्यूल में तत्काल प्रभाव से आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को पास जारी करने और रिजर्वेशन बुक करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके साथ ही, बोर्ड ने नई यात्रा पात्रता से जुड़ी तालिकाएं भी जारी कर दी हैं, जिससे रेलकर्मी अपने पे-लेवल के अनुसार आसानी से अपनी नई पात्रता देख सकेंगे. इस कदम से रेल परिवार में खुशी का माहौल है.


