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SECR : घूसखोर रेलवे IRSME अफसर के पास मिला 77 लाख कैश और सोने का अंबार, उठा ले गयी CBI

RAIPUR. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के भिलाई पीपी यार्ड में तैनात भारतीय रेलवे यांत्रिक अभियंता सेवा (IRSME) के अधिकारी और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (Senior DME) अनमोल उइके को 24 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. सीबीआई की कार्रवाई में आरोपी के ठिकानों से 77 लाख रुपए नकद और 14 लाख रुपए से अधिक मूल्य का सोना बरामद किया गया.

सीबीआई की SECR जोन में यह छापेमारी एक अधिकारी के  निलंबन या गिरफ्तारी का मामला नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में गहराई तक अपनी जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार का एक ज्वलंत उदाहरण प्रस्तुत करता है. 14 अगस्त 2026 को अनमोल उइके और बिचौलिए को अदालत में सीबीआई ने पेश किया, जहां से न्यायालय ने दोनों को 4 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है.

यह भी पढ़ें :  रायपुर रेल मंडल में CBI का छापा, भिलाई PP यार्ड में देर रात तक चली कार्रवाई

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की यह कार्रवाई एक ठोस और सुनियोजित शिकायत पर आधारित थी. शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके लंबित बिलों को पास करने और भुगतान को मंजूरी देने के एवज में सीनियर डीएमई अनमोल उके ने 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. सौदेबाजी के बाद रिश्वत की राशि 1 लाख रुपए तय की गई.

रिश्वतखोरी के इस खेल को अंजाम देने के लिए 13 अगस्त को सीबीआई ने बिछाए गए जाल में अधिकारी और उसके बिचौलिए को रंगे हाथों धर दबोचा. आरोपी अधिकारी के निर्देश पर बिचौलिए ने जैसे ही रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपए स्वीकार किए, सीबीआई की टीम ने दोनों को हिरासत में ले लिया.

काली कमाई का अंबार: नकद और सोने की बरामदगी

गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के रायपुर और भिलाई स्थित आवास एवं कार्यालय परिसरों में छापेमारी की, तो बरामदगी देखकर जांच दल भी हैरान रह गया:

  • 77 लाख रुपए नकद: आवास और ठिकानों से लगभग 77 लाख रुपए की अघोषित नकदी जब्त की गई.
  • 14 लाख रुपए का सोना: तलाशी में भारी मात्रा में सोने के आभूषण मिले, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रुपए है.

प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल

रेलवे जैसे बड़े और महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रम में वरिष्ठ स्तर के अधिकारी का रिश्वत कांड में पकड़ा जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है:

  • ठेकेदारों का शोषण: वैधानिक बिलों को अटकाकर ठेकेदारों से अनुचित कमीशन वसूलने का सिंडिकेट.
  • पारदर्शिता का अभाव: डिजिटल भुगतान और प्रक्रियाओं के बावजूद व्यक्तिगत स्तर पर फाइलें रोकने की गुंजाइश.
  • आय से अधिक संपत्ति: इतने बड़े पैमाने पर नकद और सोने की मौजूदगी आय के वैध स्रोतों से मेल नहीं खाती, जो व्यापक आर्थिक अपराध की ओर इशारा करती है.

सीबीआई की इस त्वरित कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ का माहौल है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में और अधिक पारदर्शिता और कठोर निगरानी तंत्र की आवश्यकता है.

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