UMRKS के भीतर छिड़ा विवाद खुलकर सामने आ गया है. एक गुट खुद को भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध बताते हुए रेल कर्मचारियों के हित में मांगें उठाने और नई कार्यकारिणी बनाने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरा गुट कानूनी व संवैधानिक दस्तावेजों (फॉर्म जे) का हवाला देकर उन्हें अवैध करार दे रहा है.
AGRA. उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ (UMRKS) के आगरा मंडल में सांगठनिक गतिविधियों और अधिकारिता को लेकर विवाद गहरा गया है. एक ओर जहां रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर, काछीपुरा में आगरा मंडल का वार्षिक अधिवेशन आयोजित कर नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, अधिवेशन में रेलकर्मियों के लिए सरकार से मांगों की सूची भी जारी की गयी है. वहीं दूसरी ओर संगठन के आधिकारिक पक्ष (रूपम पाण्डेय) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस अधिवेशन और आयोजकों को पूरी तरह से असंवैधानिक एवं अवैध करार दिया है.
अधिवेशन में उठी 8वें वेतन आयोग और PLB बोनस की मांग
हरि बल्लभ दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित वार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विभाग कार्यवाह सुनील जी, मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय रेलवे मजदूर संघ (BRMS) के संगठन मंत्री राधाबल्लभ त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि जोनल अध्यक्ष हेमंत विश्वकर्मा उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन मंडल मंत्री बंशी बदन झा ने किया.
प्रमुख मांगें और बिंदु :
- 8वां वेतन आयोग व परिवार गणना : बीएमएस ने सरकार से 8वां वेतन आयोग लागू करने तथा माता-पिता को शामिल करते हुए 4 यूनिट परिवार मानकर वेतन वृद्धि, मेडिकल एवं पास सुविधा देने की मांग रखी.
- PLB बोनस व GIS बीमा : UMRKS महामंत्री कुंदन कुमार सिंह ने बोनस की गणना वर्तमान न्यूनतम बेसिक पर करने, सीलिंग लिमिट ₹21,000 करने और जीआईएस (GIS) बीमा राशि ₹30,000 से बढ़ाकर ₹15 लाख करने की मांग की.
- स्थानीय मुद्दे : पदों का सरेंडर रोकने, रिक्त पदों को भरने, ट्रैक मेंटेनरों की बीट 12 किमी करने और रनिंग स्टाफ व परिचालन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की बात उठाई गई.
नयी कार्यकारणी गठित, मंडल अध्यक्ष हरि बल्लभ, मंडल मंत्री बने उमाशंकर
चुनाव प्रभारी निर्भय सिंह (केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी की घोषणा की. नयी कार्यकारणी में मंडल अध्यक्ष हरि बल्लभ दीक्षित, मंडल मंत्री उमाशंकर भारद्वाज, कोषाध्यक्ष उदय सिंह मीणा, संगठन मंत्री राजेश कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष जनक सिंह, राजकुमार गौतम, कोमल सिंह, संयुक्त मंडल मंत्री मृदुलता, पवन शर्मा, अरविंद चौहान एवं कार्यसमिति सदस्य में मुकेश कुदेशिया, हेमलता कला, पवन शर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह, राहुल शर्मा, संजय बिहारिया, नितिन गोयल, शैलेन्द्र परिहार चुने गए.
अधिवेशन अवैध, आयोजक संगठन से निष्कासित : रूपम पांडेय
दूसरी तरफ, स्वयं को UMRKS के आधिकारिक प्रतिनिधि बताने वाले रूपम पाण्डेय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस अधिवेशन और आयोजकों पर आरोप लगाते हुए इसे पूरी तरह से अमान्य घोषित किया गया है. जारी बयान के अनुसार अधिवेशन आयोजित करने वाले लोगों को 12 जुलाई 2026 को ही UMRKS से निष्कासित किया जा चुका है.
उनके पास कोई बैठक या अधिवेशन बुलाने का संवैधानिक अधिकार नहीं है. रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन एवं श्रम आयुक्त प्रयागराज द्वारा जारी अधिकृत रिकॉर्ड ‘फॉर्म जे’ में इन व्यक्तियों का नाम दर्ज नहीं है. अब ऐसे में निष्कासित लोगों द्वारा संघ के नाम और लेटर पैड का उपयोग करना धोखाधड़ी और गैर-कानूनी है.



