ROURKELA. दक्षिण पूर्व रेलवे के आरपीएफ (RPF) में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत सुमन कुमार झा को राउरकेला आरपीएफ पोस्ट का नया प्रभारी इंस्पेक्टर नियुक्त किया गया है. आरपीएफ मुख्यालय, गार्डेनरीच से 24 सितंबर को इस संबंध में बल आदेश जारी कर दिया गया. सुमन कुमार झा इससे पूर्व रांची मंडल के हटिया एडीएम सेल में पदस्थापित थे.
वे राजगांगपुर आरपीएफ थाने में सब इंस्पेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. राउरकेला-राजगांगपुर रेल मंडल के भौगोलिक और आपराधिक माहौल का पूर्व अनुभव होने के कारण उनसे व्यवस्था में सुधार की काफी उम्मीदें हैं.
हालांकि, राउरकेला आरपीएफ पोस्ट की कमान संभालना किसी भी अधिकारी के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. राउरकेला शुरू से ही अवैध वेंडिंग, केंदू पत्ता की कालाबाजारी और गांजा तस्करी जैसे संगठित अपराधों का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है. ऐसे में साफ-सुथरी छवि वाले सुमन कुमार झा के लिए इस चुनौतीपूर्ण पोस्टिंग में अपनी बेदाग छवि को बरकरार रखते हुए अपराध पर लगाम लगाना सबसे बड़ी परीक्षा होगी.
विवादों से घिरा रहा है पिछला इतिहास
राउरकेला RPF पोस्ट का अतीत यह गवाह रहा है कि यहां तैनात रहे अधिकांश प्रभारी किसी न किसी वजह से विवादों के जाल में उलझते रहे हैं. पूर्व में कार्यरत इंस्पेक्टर कमलेश समदार का कार्यकाल अत्यंत विवादास्पद रहा. जून के प्रथम सप्ताह में सीबीआई (CBI) ने स्टेशन पर कथित अवैध गतिविधियों और लोगों से रिश्वत लेने के गंभीर आरोपों के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था. इस कार्रवाई के बाद से ही इंस्पेक्टर का यह पद खाली पड़ा हुआ था.
इतना ही नहीं, पिछले रिकॉर्ड उठाकर देखें तो अवैध वेंडिंग और तस्करी के चक्रव्यूह के कारण यहां तैनात रहे तीन से भी अधिक प्रभारियों को पोस्टिंग के दौरान विपरीत और कानूनी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है. यहां का माहौल ऐसा रहा है कि कोई न कोई विवाद अधिकारियों का पीछा करता ही रहा है.
चुनौतियों का चक्रव्यूह और कसौटी पर नया नेतृत्व
अब तक अपने सेवाकाल में निष्कलंक और विवादों से दूर रहे सुमन कुमार झा के सामने अब दोहरी चुनौती होगी. एक तरफ उन्हें अवैध वेंडिंग, केंदू पत्ता और गांजा तस्करी के मजबूत सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई करनी होगी, तो दूसरी तरफ सभी संबंधित विभागों के साथ पारदर्शी तालमेल बिठाकर चलना होगा.
राउरकेला में समीप ही सीबीआई (CBI) कार्यालय की मौजूदगी भी प्रशासनिक कार्यशैली में किसी भी तरह की लापरवाही या संदिग्ध गतिविधि पर हमेशा पैनी नजर रखती है. ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अपने पुराने अनुभव और साफ-सुथरी कार्यशैली के दम पर सुमन कुमार झा राउरकेला RPF पोस्ट के इस विवादास्पद इतिहास को बदलकर एक नया और पारदर्शी अध्याय कैसे लिखते हैं.
सुमन कुमार झा को नयी पारी के लिए शुभकामनाएं.




