रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 2,550 पद और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 694 पद सरेंडर करने की बात स्वीकार की है. बोर्ड का दावा है कि वर्ष 2024-25 के बाद से पद सरेंडर करने की जगह पुनर्वितरण पर ध्यान दिया जा रहा है.
NEW DELHI. बदलती तकनीक और कार्यप्रणाली के अनुरूप भारतीय रेलवे खुद को पूरी तरह से री-स्ट्रक्चर करने की तैयारी में जुट गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रेल मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के बीच उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के बाद रेलवे कैडर के पुनर्गठन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इस नई नीति का मुख्य केंद्र बिंदु प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए पुराने और अप्रासंगिक हो चुके पदों का समर्पण (सरेंडर) करना तथा आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार नए तकनीकी पदों का सृजन करना शामिल है.
10,939 पारंपरिक पदों का सरेंडर प्रस्तावित
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रेलवे नेटवर्क के विभिन्न ज़ोन और विभागों में फैले 10,939 पदों को समाप्त करने की सलाह दी गई है. ये पद मुख्य रूप से पे-मैट्रिक्स के लेवल-1 से लेवल-5 श्रेणी के अंतर्गत आते हैं. स्वचालन (ऑटोमेशन) और आधुनिक तकनीकों के आने से जिन भूमिकाओं की उपयोगिता कम हुई है, उन्हें ही मुख्य रूप से इस सरेंडर प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है.
समाप्त किए जाने वाले प्रस्तावित पदों में सामान्य सहायक, हेल्पर, बेयरर, पोर्टर, एसी कोच अटेंडेंट, हॉस्पिटल अटेंडेंट और कारपेंटर जैसी श्रेणियां शामिल हैं. इसके अलावा, लेवल-2 से 5 के अंतर्गत आने वाले कमर्शियल क्लर्क, स्टोर क्लर्क, जूनियर स्टेनोग्राफर, रनिंग रूम कुक, व्हीकल ड्राइवर और विभिन्न ट्रेडों के ग्रेड-1 टेक्नीशियन के पद भी शामिल किए गए हैं.
5,664 नए उच्च-स्तरीय पदों के सृजन को हरी झंडी
पुराने कैडर को समाप्त करने के साथ ही आधुनिक परिचालन को सुगम बनाने के लिए वित्त मंत्रालय ने 5,664 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को बिना किसी कटौती के स्वीकृति दे दी है. ये सभी पद लेवल-6 और लेवल-7 की सुपरवाइजरी तथा तकनीकी श्रेणियों से संबंधित हैं.
स्वीकृत किए गए नए पदों का विवरण इस प्रकार है:
- सिविल इंजीनियरिंग: 424 जूनियर इंजीनियर और 860 सीनियर सेक्शन इंजीनियर.
- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: 364 जूनियर इंजीनियर और 739 सीनियर सेक्शन इंजीनियर.
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 265 जूनियर इंजीनियर और 537 सीनियर सेक्शन इंजीनियर.
- सिग्नल एवं टेलीकॉम: 336 जूनियर इंजीनियर और 683 सीनियर सेक्शन इंजीनियर.
- यायात (ऑपरेटिंग): 533 स्टेशन मास्टर/कंट्रोलर और 356 स्टेशन सुपरिटेंडेंट/चीफ कंट्रोलर.
- यायात (कमर्शियल): 334 चीफ कमर्शियल-कम-टिकट सुपरवाइजर एवं 143 कमर्शियल सुपरिटेंडेंट.
- स्टोर्स विभाग: 36 डिपो मटीरियल सुपरिटेंडेंट और 54 चीफ डिपो मटीरियल सुपरिटेंडेंट.
दो चरणों में होगी नई भर्तियों की प्रक्रिया
वित्त मंत्रालय के अवर सचिव नितिन जैन द्वारा रेल मंत्रालय के प्रधान कार्यकारी निदेशक को प्रेषित पत्रावली के अनुसार, इन नए पदों को चरणबद्ध ढंग से भरा जाएगा. प्रथम चरण में नए स्वीकृत 5,664 पदों के 50 प्रतिशत (2,832 पद) भरे जाएंगे. इसके साथ ही रेलवे में पूर्व से मौजूद 21,978 रिक्तियों पर भी बहाली प्रक्रिया शुरू होगी. जब इन कुल रिक्तियों का लगभग 80 फीसदी हिस्सा भर जाएगा, तब द्वितीय चरण के तहत शेष पदों पर नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा.
प्रशासनिक सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि पदों को सरेंडर करने और नए पदों का सृजन करने की यह कवायद दो अलग-अलग प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं. इसे किसी भी सूरत में नई भर्तियों पर रोक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह आधुनिक रेल परिचालन की दिशा में उठाया गया एक संतुलित कदम है.
रेलवे बोर्ड ने यूनियन से साझा की थी स्थिति
रेलवे बोर्ड ने मैनपावर पुनर्गठन पर अगस्त माह में ही ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (AIRF) को पहले ही सूचित कर दिया था. इसमें 2026-27 के लिए पुनर्गठन और पदों के हस्तांतरण पर स्थिति साझा की गई थी. इसमें बताया गया था कि गैर-सुरक्षा श्रेणियों से सुरक्षा श्रेणियों में अतिरिक्त पदों का पुनर्वितरण किया जायेगा.
इस प्रक्रिया में कुल स्वीकृत पदों की संख्या में कटौती नहीं होगी. इस दौरान रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 2,550 पद और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 694 पद सरेंडर किए गए थे. हालांकि, वर्ष 2024-25 के बाद से मुख्य ध्यान सरेंडर करने के बजाय पदों के पुनर्वितरण पर केंद्रित किया गया है ताकि रेलवे के मुख्य परिचालन और यात्री सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों को अधिक मजबूत बनाया जा सके.




