NEW DELHI. भारतीय रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों के आचरण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संसद में उठे सवालों का रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में लिखित जवाब दिया. रेल मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निपटारे के लिए एक प्रभावी व्यवस्था कार्यरत है.
इसके साथ ही उन्होंने आरपीएफ की जगह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को रेलवे सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपने की अटकलों को खारिज कर दिया.
राज्यसभा में सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा आरपीएफ कर्मियों के व्यवहार, शिकायतों और सुरक्षा व्यवस्था पर पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी साझा की.
आगरा कैंट घटना पर कड़ा एक्शन: 4 आरपीएफ जवान निलंबित
जुलाई 2026 में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों द्वारा एक रेल कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना का संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई की है. रेल मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि घटना के तत्काल बाद आगरा कैंट के 4 आरपीएफ कर्मियों को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है. मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक अंतर-विभागीय संयुक्त जांच समिति (Inter-departmental Joint Enquiry Committee) गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
शिकायतों के निपटारे के लिए मल्टीपल चैनल
सदन में रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि आरपीएफ सहित सभी रेल कर्मचारियों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित नियमों के तहत निरंतर कार्रवाई होती है. शिकायतों के पंजीकरण के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं:
- रेल मदद (Rail Madad): यात्रियों और कर्मियों की तात्कालिक सहायता के लिए
- CPGRAMS: केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण प्रणाली
- ई-मेल और अन्य आधिकारिक प्रशासनिक माध्यम
मंत्री ने बताया कि इन सभी माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाती है और आरोप सिद्ध होने पर संबंधित कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाते हैं.
CISF को रेलवे सुरक्षा सौंपने की कोई योजना नहीं
आरपीएफ के प्रदर्शन को लेकर क्या रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था CISF को सौंपने पर विचार किया जा रहा है? इस सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव रेल मंत्रालय के समक्ष विचाराधीन नहीं है. भारतीय रेलवे की सुरक्षा का जिम्मा आरपीएफ के पास ही बना रहेगा.




