Close Menu
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
    • सर्कुलर / आर्डर
    • रेलवे की निविदा
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • गपशप
    • साक्षात्कार
  • अभिमत
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
  • समाज-संस्कृति
  • संपर्क
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
    • सर्कुलर / आर्डर
    • रेलवे की निविदा
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • गपशप
    • साक्षात्कार
  • अभिमत
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
  • समाज-संस्कृति
  • संपर्क
Facebook X (Twitter) Instagram Threads YouTube Telegram
Monday, October 12
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
Rail HuntRail Hunt
Subscribe
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
    • सर्कुलर / आर्डर
    • रेलवे की निविदा
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • गपशप
    • साक्षात्कार
  • अभिमत
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
  • समाज-संस्कृति
  • संपर्क
Rail HuntRail Hunt
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • अभिमत
  • गपशप
  • मीडिया
  • समाज-संस्कृति
Home » करोड़ों खर्च कर संवारे गए अमृत भारत स्टेशन, उपयोगिता के सवालों से घिरी ‘अत्याधुनिक’ व्यवस्था
रेलहंट स्पेशल

करोड़ों खर्च कर संवारे गए अमृत भारत स्टेशन, उपयोगिता के सवालों से घिरी ‘अत्याधुनिक’ व्यवस्था

Suma kumarBy Suma kumarJuly 11, 2026
Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
सांकेतिक
Share
Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

NDLS. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 17 जुलाई को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर रेलवे के 11 अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करने जा रहे हैं. इन स्टेशनों में अंबाला रेल मंडल के अंब अंदौरा, साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), कालका और आनंदपुर साहिब जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं.

रेलवे विभाग इन स्टेशनों को ‘भविष्य की जरूरतों’ के अनुरूप ढालने और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने का दावा कर रहा है. लेकिन इस भारी-भरकम बजट के जमीन पर उतरने के साथ ही एक बड़ा यक्ष प्रश्न भी खड़ा हो गया है. क्या करोड़ों रुपये के इस आलीशान बुनियादी ढांचे का वास्तविक लाभ आम यात्रियों को मिलेगा, या यह सिर्फ एक चकाचौंध भरा शोपीस बनकर रह जाएगा?

‘अत्याधुनिकता’ की भारी-भरकम कीमत

अगर बजट पर नजर डालें, तो इन 11 स्टेशनों के पुनर्विकास पर पानी की तरह पैसा बहाया गया है. जालंधर कैंट स्टेशन इस सूची में सबसे महंगा है, जिसके आधुनिकीकरण पर अकेले 98.89 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. कालका स्टेशन को 31.42 करोड़ रुपये की लागत से चमकाया गया है. नरवाना स्टेशन पर 28.30 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. अंब अंदौरा, आनंदपुर साहिब और मोहाली जैसे स्टेशनों में से प्रत्येक पर औसतन 22 से 24 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है.

दावा है कि इन स्टेशनों पर 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज, एग्जीक्यूटिव लाउंज, आधुनिक प्रतीक्षालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, हाई-मास्ट एलईडी लाइटिंग और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं विकसित की गई हैं. तकनीकी रूप से यह ढांचा बेहद आकर्षक दिखाई देता है, लेकिन करोड़ों खर्च करने की यह उपयोगिता अब तीखे सवालों के घेरे में है.

उपयोगिता की कसौटी पर खड़े होते तीखे सवाल

जब आम नागरिक इन आंकड़ों को देखता है, तो उसकी उम्मीदें और जमीनी हकीकत आपस में टकराती हैं. रेलवे के इस मेकओवर को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं:

बुनियादी परिचालन बनाम बाहरी चकाचौंध: आम यात्रियों का सबसे बड़ा दर्द स्टेशनों की भव्यता नहीं, बल्कि ट्रेनों का समय पर न चलना, सामान्य डिब्बों (General Coaches) में पैर रखने की जगह न होना और पटरियों का पुराना होना है. सवाल यह है कि जब सुरक्षा और समयबद्धता जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार की सख्त जरूरत है, तब केवल स्टेशनों की दीवारों और लाउंज को चमकाने में करोड़ों फूंकने की उपयोगिता कितनी जायज है?

सस्टेनेबिलिटी और रखरखाव की चुनौती: भारतीय रेलवे का इतिहास गवाह है कि नई सुविधाएं शुरू तो धूमधाम से हो जाती हैं, लेकिन कुछ ही महीनों में रखरखाव के अभाव में लिफ्ट और एस्केलेटर बंद पड़ जाते हैं. एलीट यात्रियों के लिए बनाए गए ‘एग्जीक्यूटिव लाउंज’ क्या आम जनता की पहुंच में होंगे? अगर आम यात्री इनका उपयोग नहीं कर पाएगा, तो इस भारी निवेश का वास्तविक लाभांश (ROI) शून्य के बराबर हो जाता है.

स्थानीय आवश्यकताओं की अनदेखी: मोहाली और आनंदपुर साहिब जैसे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ होती है. वहां भव्य फुट ओवर ब्रिज तो बना दिए गए हैं, लेकिन क्या ट्रेनों की संख्या और उनके फेरे बढ़ाए गए हैं? यदि स्टेशन पर उतरने के बाद यात्री को घंटों ट्रेन का इंतजार करना पड़े, तो 24 करोड़ के स्टेशन का सुख केवल एक छलावा मात्र है.

केवल लोकार्पण नहीं, जवाबदेही भी तय हो

17 जुलाई को होने वाला लोकार्पण निसंदेह मीडिया की सुर्खियों में रहेगा और इसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जाएगा. लेकिन जनता के टैक्स के पैसों से बने इन ‘अमृत भारत स्टेशनों’ की वास्तविक परीक्षा लोकार्पण के बाद शुरू होगी.

सरकार और रेलवे प्रशासन को यह समझना होगा कि आधुनिकता केवल कांच की खिड़कियों, चमचमाती एलईडी लाइटों और महंगे पत्थरों से नहीं आती. असली ‘अमृत’ तब निकलेगा जब यह करोड़ों का खर्च ट्रेनों की सुरक्षा, गति, स्वच्छता और आम गरीब यात्री के सफर को सुगम बनाने में परिलक्षित होगा. यदि ऐसा नहीं होता है, तो भविष्य में इन परियोजनाओं की उपयोगिता की पोल खुलना तय है, और यह करोड़ों का खर्च महज एक राजनीतिक विज्ञापन बनकर रह जाएगा.

यह भी पढ़ें :

  • Bullet Train प्रोजेक्ट के आड़े आया LARRA का मुआवजा कानून, 40,000 करोड़ का बढ़ा खर्च
  • पार्सल सिंडिकेट की मनमानी के आगे मंडल रेल प्रशासन नतमस्तक, पटरियों पर फेंके जा रहे बोरे!
Spread the love
अमृत भारत स्टेशन योजना उत्तर रेलवे ट्रेन लेट लतीफी पैसेंजर एमेनिटीज भारतीय रेलवे रेल यात्री परेशानियां रेलवे आधुनिकीकरण रेलवे बजट उपयोगिता
Share. Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link
Previous Articleदागी रेलकर्मियों के लिए ‘सुरक्षित रास्ता’ बंद, जांच पूरी होने तक नहीं ले सकेंगे VRS
Next Article Bullet Train प्रोजेक्ट के आड़े आया LARRA का मुआवजा कानून, 40,000 करोड़ का बढ़ा खर्च, मामला पहुंचा हाईकोर्ट
Suma kumar
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram

SUMA KUMAR is an experienced Digital journalist and Content Editor at Railhunt. With a keen interest in transport infrastructure, they cover the latest developments, tech updates, and policy changes in the railway sector

Related Posts

रेलहंट स्पेशल

BILASPUR: 15 घंटे की अमानवीय थकान और ट्रांसफर के इंतजार में चली गई लोको पायलट की जान!

October 11, 2026
रेल यात्री

राजनीति की भेंट चढ़ेगी आम जनता: दिल्ली में प्रदर्शन और सियासत के बीच उत्तर रेलवे ने रद्द कीं दर्जनों ट्रेनें

October 10, 2026
बोर्ड/जोन

भारतीय रेलवे का बड़ा कदम: दिसंबर से बदल जाएगी रिजर्वेशन टिकटों की PNR सीरीज, जानें क्या होगा असर

October 6, 2026
Latest Posts

BILASPUR: 15 घंटे की अमानवीय थकान और ट्रांसफर के इंतजार में चली गई लोको पायलट की जान!

October 11, 2026

दर्दनाक हादसा: वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आकर S&T के सीनियर टेक्टीशियन की मौत

October 10, 2026

SER: एशियन गेम्स की गोल्ड जीतने वाली दक्षिण पूर्व रेलवे की मेडलिस्ट सलिमा टेटे, निक्की प्रधान और दीपिका सोरेंग सम्मानित

October 10, 2026

राजनीति की भेंट चढ़ेगी आम जनता: दिल्ली में प्रदर्शन और सियासत के बीच उत्तर रेलवे ने रद्द कीं दर्जनों ट्रेनें

October 10, 2026

असम में RPF की बड़ी कार्रवाई: कामाख्या रेलवे स्टेशन से 57 संदिग्ध बांग्लादेशी गिरफ्तार

October 9, 2026

पुलिस और रेलकर्मियों के बीच टकराव, टिकट विवाद पर गरमाई सियासत में यूनियन की इंट्री

October 8, 2026

भारतीय रेलवे का बड़ा कदम: दिसंबर से बदल जाएगी रिजर्वेशन टिकटों की PNR सीरीज, जानें क्या होगा असर

October 6, 2026

MATHURA: कागजी दावों के बीच दम तोड़ रहे रेलकर्मी, फरह स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से की-मैन राम सिंह की दर्दनाक मौत

October 6, 2026

बैतूल के कौस्तुभ परिहार बने भारत में स्विट्जरलैंड दूतावास के आर्थिक सलाहकार, जिले के लिए गौरव का क्षण

October 4, 2026

TATANAGAR: जालियांवाला बाग एक्सप्रेस रद्द करने का विरोध, AGM के दौरे से ठीक पहले CGPC की आपात बैठक, आर-पार का अल्टीमेटम

October 4, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join Railhunt Group