Close Menu
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Facebook X (Twitter) Instagram Threads YouTube Telegram
    Saturday, October 31
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    Rail HuntRail Hunt
    Subscribe
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Rail HuntRail Hunt
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • अभिमत
    • गपशप
    • मीडिया
    • समाज-संस्कृति
    Home » चक्रधरपुर रेलमंडल में लेसिक सर्जरी में फंसे 54 रनिंग कर्मियों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार
    रेल यूनियन

    चक्रधरपुर रेलमंडल में लेसिक सर्जरी में फंसे 54 रनिंग कर्मियों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार

    Railhunt News DeskBy Railhunt News DeskApril 16, 2023
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    रेलकर्मियों की परेशानी समझते एनएफआइआर नेता एसआर मिश्रा
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    • दक्षिण पूर्व रेलवे में खड़गपुर, आद्रा और रांची रेलमंडल में सामने आ चुके हैं मामले, हो चुकी है कार्रवाई
    • सीनियर डीईई ओपी के आदेश को चुनौती देने की तैयारी में यूनियनें, प्रबंधन का रुख भी कुछ लचीला
    • रेलवे मेंस कांग्रेस लड़ेगी चालक व सहचालकों की लड़ाई, सिस्टम की पोल खोलेगी : एसआर मिश्रा 

    चक्रधरपुर रेल मंडल में लेसिक सर्जरी के पेंच में फंसे 54 रनिंग कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गयी है. यह सब हुआ है सीनियर डीईई (ओपी) राजेश रौशन के एक आदेश से जिसने चार दर्जन से अधिक रनिंग कर्मचारियों को परेशानी में डाल दिया है. हालांकि लेसिक सर्जरी केस के दायरे में आये दो लोको पायलटों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है जबकि आठ की बर्खास्तगी आदेश पर मुहर लगने वाली है. वहीं चार दर्जन से अधिक लोग डीए इंक्वायरी का सामना कर रहे जो आंखों का ऑपरेशन करवाने के बाद मेडिकल डीकैट हो कर विभिन्न विभागों में क्रू कंट्रोलर एवं वरीय लिपिक के पदों पर कार्य कर रहे. रेल प्रशासन बिना सूचना ऑपरेशन कराने वालों से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करने की तैयारी में है.

    सीनियर डीईई ओपी के आदेश के बाद इसके जद में आने वाले रनिंग कर्मचारियों में बेचैनी है. रविवार 16 अप्रैल को बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने रेलवे मेंस कांग्रेस कार्यालय जाकर एनएफआईआर के सहायक महासचिव एसआर मिश्रा के सामने अपनी परेशानी रखी. यहां एसआर मिश्रा ने सभी रनिंग कर्मचारियों को आश्वस्त किया की किसी को भी सेवा से बर्खास्त नहीं होने दिया जायेगा और अगर इसके लिए सड़क पर उतर कर आंदोलन करना पड़े तो भी किया जायेगा. उन्होंने कहा कि रेलवे मेंस कांग्रेस सभी लॉबी पर पोस्टर अभियान चलाकर जो गलतियां पूरी अनुशासन और अपील के दायरे में की गई है, उसे सार्वजनिक करेगा. इसके बाद मंडल मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.

    उन्होंने सवाल उठाया कि एक माह पूर्व स्थानांतरण हो चुके अधिकारी प्रभार की स्थिति में नीतिगत निर्णय कैसे ले सकता है? कहा कि 20 मार्च को Sr DEE(OP) का तबादला होने के बाद जो भी लॉबी ट्रांसफर हुए हैं उनकी जांच की मांग डीआरएम से की जायेगी. यहां पहुंचे रेलकर्मियों ने बताया कि जो लोको इंस्पेक्टर इस अनुशासन और अपील की इंक्वायरी कर रहे हैं उन्हें भी उक्त अधिकारी द्वारा धमकी दी जा रही है ताकि रिपोर्ट प्रशासन के पक्ष में किया जा सके. मिश्रा ने कहा कि यह सब बातें जीएम व वरीय अधिकारियों के संज्ञान में लायी जायेंगी. उन्होंने कहा कि जो लोग सेवा से बर्खास्त किए गए हैं उन्हें भी जल्द ही बहाल किया जायेगा.

    इस बीच चक्रधरपुर में दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम से मिलकर अनुरोध किया कि लेसिक केस होने वाले कठोर दंड से कर्मचारियों को राहत दी जाये. अब यह राहत रनिंग कर्मचारियों को किन शर्तों पर मिलने वाली है यह तो समय बतायेगा लेकिन फिलहाल रेल प्रशासन का रुख इस मामले में कुछ लचीला है और यूनियन नेताओं को इसका समय दिया जा रहा है कि वो अगर कुछ कर सकते हैं तो ऊपर से कुछ ऐसा गाइडलाइन करा दें ताकि उनके सामने उत्पन्न विवशता भी नहीं रह जाये.

    ऑपरेशन कर आंखें कमजोर करायी ताकि बाबू का काम मिले और 30% बढ़ जाये सैलरी

    रेलवे के नियमों के अनुसार ड्यूटी पर आंखों की रोशनी कम होने से ड्राइवरों को लिपिक कार्य देना है. यही नहीं 30% की वेतन बढ़ोतरी भी उन्हें दी जाती है. अब रेल प्रशासन यह मान रहा है कि बिना सूचना दिये आंखों की सर्जरी करने वाले लोको पायलटों ने यह सब निहीत स्वार्थवश किया. कहां जा रहा है कि 5-7 साल पहले नौकरी शुरू करने समय की मेडिकल जांच में इनकी आंखों की रोशनी बिल्कुल ठीक थी, मगर अब मेडिकल जांच में सबकी दृष्टि थोड़ी कमजोर पायी गयी है. इसके बाद रेल प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए ऐसे लोगों पर डीए इंक्वायरी शुरू की.

    लेसिक सर्जरी का मामला दक्षिण पूर्व रेलवे में नया नहीं है. इससे पहले रांची, आद्रा और खड़गपुर रेलमंडलों में इसका खुलासा हो चुका है. सबसे पहले यह खुलासा खड़गपुर रेल मंडल में रेलवे के डॉक्टर ने किया था. डॉक्टर को शक हुआ तो उसने जांच के लिए लोको पायलट को दक्षिण-पूर्व रेलवे मुख्यालय अस्पताल भेजा. वहां की जांच में भी जब स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो कोलकाता के एक निजी अस्पताल में जांच करायी गयी. इसके बाद यह पता चला कि ट्रेन ड्राइवरों ने लेसिक लेजर ऑपरेशन से आंखों का पावर कम करवाया है. इसके खुलासे के बाद रेलवे बोर्ड ने दक्षिण-पूर्व रेलवे जोन के सभी ट्रेन ड्राइवरों की आंखों की जांच शुरू करायी. रांची, चक्रधरपुर, आद्रा, खड़गपुर में ऐसे कई केस मिले. सभी को ऑपरेशनल ड्यूटी से हटा दिया गया है.

    खड़गपुर डिवीजन में हुई थी इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई, मिल सकता है राहत 

    रेलवे बोर्ड नेअगस्त 2022 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर आंख जांच को लेकर नयी गाइडलाइन जारी की है. इसमें टोकन पोर्टर समेत अन्य श्रेणी के रेलकर्मियों की स्वास्थ्य जांच में लेसिक सर्जरी पर नजर रखनी है. यूनियन नेताओं का तर्क है कि लेसिक सर्जरी के मामले में पहले ही दक्षिण पूर्व जोन के खड़गपुर मंडल में तीन इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई की गयी है. फिर एक ही जोन में एक तरह के आरोप के लिए दो तरह की सजा कैसे दी जा सकती है? अगर रेलवे यूनियनों का दबाव काम आया तो बर्खास्तगी के मुहाने पर खड़े रनिंग कर्मियों को राहत मिल सकती है, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा.

    case of lasik surgery CHAKRADHARPUR DIVISION Railway mens congress SER the fight between drivers and co-drivers The sword of dismissal hangs on 54 running employees of SER will expose the system
    Share. Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link
    Previous Articleरेलवे मेंस यूनियन के डिविजनल को-ऑर्डिनेटर पहुंचे चाईबासा, ब्रांच लाइन के कर्मचारियों से मिले
    Next Article LTT-LJN AC एक्सप्रेस में जुर्माना करने पर यूपी पुलिस के जवानों ने टीटीई को पीटा, वीडियो वायरल
    Railhunt News Desk
    • Website
    • Facebook
    • X (Twitter)
    • Instagram

    देश के अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल्स और पत्रकारों का एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य रेलवे और परिवहन जगत की खबरों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करना है।

    Related Posts

    रेल यूनियन

    ₹69,000 न्यूनतम वेतन, 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीद या सिर्फ कागजी छलावा! रेलकर्मी उठा रहे सवाल

    October 31, 2026
    रेल यूनियन

    रूपम पाण्डेय बने ‘ऑल इंडिया रेलवे वर्कर्स फेडरेशन’ के राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता मजदूर सेल ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

    October 30, 2026
    रेल यूनियन

    उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने 8वें वेतन आयोग में 30% अंतरिम राहत और बोनस गणना में संशोधन की उठायी मांग

    October 27, 2026
    Latest Posts

    रेलवे कर्मचारी और पेंशनर्स अब राजधानी-शताब्दी में एक श्रेणी से ऊपर कर सकेंगे यात्रा, देना होगा ‘डिफरेंस ऑफ फेयर’

    October 31, 2026

    देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर काे आज रवाना करेंगे पीएम मोदी, वाराणसी से दिल्ली तक महिला क्रू-सदस्यों के हाथों में होगी कमान

    October 31, 2026

    डेढ़ साल बाद भी ज्यादातर लोकोमोटिव्स में नहीं लग सका FSD और टूल बॉक्स, लोको पायलटों का संघर्ष जारी

    October 31, 2026

    ₹69,000 न्यूनतम वेतन, 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीद या सिर्फ कागजी छलावा! रेलकर्मी उठा रहे सवाल

    October 31, 2026

    रेलवे में नौकरी का अवसर: स्टेशन मास्टर के 1265 पदों पर भर्ती का शानदार मौका, ग्रेजुएट्स के लिए खुला आवेदन का रास्ता

    October 30, 2026

    रूपम पाण्डेय बने ‘ऑल इंडिया रेलवे वर्कर्स फेडरेशन’ के राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता मजदूर सेल ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

    October 30, 2026

    गपशप : चक्रधरपुर रेलमंडल का कामर्शियल विभाग… कुर्सी से फेविकोल का रिश्ता और ‘रवि’ बाबू!

    October 30, 2026

    चार्जिंग बंद करना समाधान नहीं: विशेषज्ञों की दो टूक- सिस्टम सुधारे रेलवे, यात्रियों को न हो परेशानी

    October 30, 2026

    झारखंड हाईकोर्ट का फैसला: ट्रेन से गिरने वाले यात्री के पास टिकट न मिलने पर भी परिजनों को मिलेगा मुआवजा, ट्रिब्यूनल का आदेश खारिज

    October 30, 2026

    स्पेन के टोलेडो प्रांत में दो हाई-स्पीड ट्रेनें टकराई, 46 से अधिक लोगों की मौत,

    October 28, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    • About Us
    • Advertisement
    • Write for Us
    • Editorial Policy
    • Privacy
    • Cookies Policy
    • Contact Us
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Railhunt Group