BILASPUR. भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और सुगम परिचालन सबसे सर्वोपरि माना जाता है. इसी कर्तव्यनिष्ठा और असाधारण सजगता का परिचय देते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के चार रेल कर्मचारियों ने अपनी सतर्कता से संभावित बड़े हादसों को टाल दिया और एक महिला की अमूल्य जान बचाई.
इन सभी उत्कृष्ट एवं साहसिक कार्यों के लिए महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने एक विशेष संरक्षा बैठक के दौरान इन सभी रेलकर्मियों को सम्मानित किया. इस अवसर पर प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी सहित कई अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारी भी उपस्थित रहे.
स्टेशन मास्टर ने बचायी महिला की जान
सिलयारी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के रूप में कार्यरत आनंद प्रकाश उपाध्याय ने अपनी ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस और त्वरित निर्णय का परिचय दिया. एक महिला अचानक आत्महत्या के इरादे से रेलवे ट्रैक पर कूद गई थी. श्री उपाध्याय ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांपते हुए अपनी सूझबूझ से न केवल महिला की जान बचाई, बल्कि रेल परिचालन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की.
लोको पायलट ने भारी बारिश में बचाई ट्रेन
दुर्ग में पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट (लोको पायलट) महेंद्र कुमार साहू ने सिकोसा और गुंडरदेही के बीच भारी बारिश के दौरान ट्रैक पर आई एक खतरनाक अनियमितता को समय रहते देख लिया. उन्होंने बिना किसी देरी के अपनी सूझबूझ से ट्रेन की गति पर नियंत्रण किया और तुरंत संबंधित उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
गुड्स लोको पायलट और मालगाड़ी प्रबंधक की सतर्कता
हरेंद्र कुमार नैला स्टेशन से लॉन्ग हॉल मालगाड़ी का परिचालन कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य मालगाड़ी के वैगन में ‘हॉट एक्सल’ (अत्यधिक गर्म एक्सल) की गंभीर स्थिति को देखा और तत्काल अधिकारियों को सतर्क किया.
वहीं, डोंगरगढ़ स्टेशन पर वरिष्ठ मालगाड़ी प्रबंधक के रूप में कार्यरत मयंक भेलोटकर ने गुदमा स्टेशन से गुजर रही एक मालगाड़ी के वैगन में भी इसी प्रकार हॉट एक्सल की पहचान कर तुरंत अधिकारियों को सूचित किया. समय पर मिली इस सूचना से समय रहते उचित कार्रवाई करना संभव हो सका.
भारतीय रेलवे में यात्रियों और ट्रेनों की संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इन कर्मचारियों की यह असाधारण सजगता और कर्तव्यनिष्ठा अन्य सभी रेलकर्मियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.
तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक


