MANDRID. स्पेन के मध्य टोलेडो प्रांत में बुधवार की सुबह गंभीर और दर्दनाक रेल दुर्घटना में 46 से अधिक लोगों की मौत हो गयी. हादसे में कई यात्रियों के घायल होने की खबर है. दुर्घटना बुधवार की सुबह 9 बजे के ठीक बाद मैड्रिड-सेविल रेलवे लाइन पर उरदा शहर के पास हुआ.
स्पेन के रेल ऑपरेटर ‘अडिफ’ के अनुसार, एक ही दिशा में दक्षिण स्पेन की ओर जा रही ‘रेन्फे’ (Renfe) ट्रेन ने आगे पटरी पर खड़ी ‘इरियो’ (Irio) ट्रेन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. स्थानीय सरकारी प्रवक्ता एस्थर पाडिला के अनुसार, रेन्फे ट्रेन में 397 और इरियो ट्रेन में एक बच्चे समेत 147 यात्री सवार थे, यानी दोनों ट्रेनों में कुल मिलाकर 544 यात्री मौजूद थे. टक्कर इतनी भीषण थी कि दो बोगियां पटरी से उतर गईं और कुछ डिब्बे खड्डे में जा गिरे. यात्रियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोगियों में बुरी तरह चीख-पुकार मच गई.
हादसा मानवीय भूल या सिग्नल फेल, चल रही जांच
स्पेनिश अखबार ‘एल पाइस’ की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा मानवीय भूल और सिग्नल फेल होने का परिणाम हो सकता है. मुख्य सिग्नलिंग सिस्टम फेल होने के बाद सिस्टम को मैनुअल मोड पर डाल दिया गया था. शुरुआती दावों के अनुसार, मैड्रिड के अतोचा कंट्रोल सेंटर के एक ऑपरेटर ने कथित तौर पर रेन्फे ट्रेन को आगे बढ़ने का निर्देश दे दिया, जबकि आगे पटरी पर पहले से इरियो ट्रेन खड़ी थी. हालांकि, अधिकारी मामले की आधिकारिक जाँच कर रहे हैं.
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत मेडिकल हेलिकॉप्टर्स को तैनात किया. टोलेडो और अल्काजार डी सैन जुआन के अस्पतालों को घायलों के इलाज के लिए तैयार किया गया है. दुर्घटना के बाद एक ट्रेनी रेलवे कर्मचारी मृत पाया गया है, जबकि रेन्फे हाई-स्पीड ट्रेन का ड्राइवर अभी भी लापता है. उरदा शहर के मेयर ने स्थानीय खेल परिसर को घायलों व यात्रियों की सहायता के लिए तैयार करवाया है.
रेल नेटवर्क की सुरक्षा रखरखाव पर उठे सवाल
इस घटना ने स्पेन के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा, रखरखाव और निवेश पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस साल जनवरी में भी कॉर्डोबा प्रांत के अडामुज के पास एक हाई-स्पीड ट्रेन के पटरी से उतरने और सामने से आ रही रेन्फे ट्रेन से टकराने के कारण 46 लोगों की मौत हुई थी. फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां और जांचकर्ता तकनीकी खामी या इंसानी लापरवाही का पता लगाने में जुटे हैं, और राहत-बचाव कार्य जारी रहने के कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.


