JHARSUGUDA: दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) क्षेत्र में यात्री सुविधाओं के विस्तार, रेल परिचालन को गति देने और संरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी और सकारात्मक पहल देखने को मिली है. दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार जैन ने गुरुवार, 17 सितंबर को झारसुगुड़ा में स्टेशन परिसर, रेलवे यार्ड तथा परिचालन से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों का व्यापक निरीक्षण किया. इस दौरान झारसुगुड़ा को एक आधुनिक और सुदृढ़ रेलवे हब के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और प्राथमिकताओं पर मुहर लगाई गई.
स्टेशन का विस्तार, 10 प्लेटफॉर्मों के साथ बढ़ेगी क्षमता
निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण चर्चा झारसुगुड़ा स्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को लेकर हुई. महाप्रबंधक ने स्टेशन पर अतिरिक्त रेल लाइनों के निर्माण और प्लेटफॉर्मों की संख्या में बढ़ोतरी से संबंधित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. वर्तमान में झारसुगुड़ा स्टेशन पर 5 प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जिन्हें बढ़ाकर 10 किए जाने की योजना है. इस क्षमता विस्तार से न केवल अधिक ट्रेनों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी और ट्रेनों की समयबद्धता में भी भारी सुधार देखने को मिलेगा.
संरक्षा मानकों और यार्ड सुरक्षा पर जोर
महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने झारसुगुड़ा रेलवे यार्ड में सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की बारीकी से जांच की. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रेल परिचालन में किसी भी स्तर पर संरक्षा से समझौता न किया जाए और निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो, ताकि रेल यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रहे.
कोयला लोडिंग और आपूर्ति को मिलेगा बढ़ावा
अपने दौरे के दौरान जीएम ने झारसुगुड़ा–सरडेगा सेक्शन में विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया. देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पावर हाउसों तक कोयले की समयबद्ध और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए MCL (महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड) के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय चर्चा की. कोयला लोडिंग क्षमता में वृद्धि और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी, जिससे विद्युत उत्पादन के लिए ईंधन की आपूर्ति में तेजी आएगी.

‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत सामाजिक सहभागिता
स्टेशन निरीक्षण और प्रशासनिक बैठकों के अलावा, महाप्रबंधक ने बीएनआर स्कूल, झारसुगुड़ा के विद्यार्थियों के साथ संवाद कर सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया. ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत उन्होंने विद्यार्थियों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, पृथक्करण और संग्रहण के प्रति जागरूक किया.





