हिंदी केवल संपर्क या संवाद की भाषा भर नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की महान सांस्कृतिक एकता और अखंडता का सबसे बड़ा प्रतीक है. दैनिक शासकीय और सरकारी कामकाज में हिंदी का अधिक से अधिक अधिकाधिक प्रयोग किया जाना चाहिए : तरुण हुरिया
CHAKRADHARPUR. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी सभागार में राजभाषा विभाग के तत्वावधान में “राजभाषा पखवाड़ा समापन समारोह” एवं भव्य “मंडल रेल कवि सम्मेलन” का आयोजन किया गया. इस गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री तरुण हुरिया ने शिरकत की. कार्यक्रम के दौरान मंडल के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी और उनके परिजन उपस्थित रहे, जिससे पूरा सभागार उत्साह और ऊर्जा से सराबोर नजर आया.
समारोह का मुख्य आकर्षण मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया का प्रेरणादायी संबोधन रहा. मुख्य अतिथि को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने अपने संबोधन में राजभाषा हिंदी के सामर्थ्य और उसकी व्यापक महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला. श्री हुरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदी केवल संपर्क या संवाद की भाषा भर नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की महान सांस्कृतिक एकता और अखंडता का सबसे बड़ा प्रतीक है.
उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि दैनिक शासकीय और सरकारी कामकाज में हिंदी का अधिक से अधिक अधिकाधिक प्रयोग किया जाना चाहिए ताकि प्रशासनिक कार्यों में सहजता और जन-जुड़ाव और अधिक मजबूत हो सके. उन्होंने पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा कवि सम्मेलन के सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई दी.
समारोह का औपचारिक शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. इसके तुरंत बाद रेलवे के कर्मचारियों के बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक मनमोहक एवं प्रेरणादायक गीत-संगीत की प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया.
मंडल रेल कवि सम्मेलन में काव्य रचनाओं की बहार, मुकेश सिंह सम्मानित
इस कड़ी में, आदित्यपुर रनिंग लाबी के लोको पायलट मुकेश सिंह को राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, पखवाड़े की गतिविधियों और उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से प्रमाण पत्र एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया. उनकी यह उपलब्धि पूरे मंडल के लिए प्रेरणा का स्रोत रही.

समारोह के अंतिम चरण में एक शानदार “मंडल रेल कवि सम्मेलन” का आयोजन किया गया. इस साहित्यिक सत्र में सम्मानित लोको पायलट मुकेश सिंह सहित मंडल के कई कवि-हृदय रेल कर्मचारियों और आमंत्रित प्रसिद्ध कवियों ने अपनी एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट काव्य रचनाओं का सस्वर पाठ किया. उनकी कविताओं और ओजस्वी प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसे श्रोताओं द्वारा खूब सराहा गया. अंत में, यह भव्य और ऐतिहासिक आयोजन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
प्रेस विज्ञप्ति


