केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले 78 दिन का परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी है. यह क्रम पिछले 11 साल से जारी है. इस बीच यूनियनों द्वारा वेतन सीमा बढ़ाने और नियमों में बदलाव की तमाम मांगें एक बार फिर हवा साबित हुईं.
Indian Railway Bonus. भारतीय रेलवे ने अपने लाखों कर्मचारियों (Railway Employees) को इस साल भी 78 दिनों के उत्पादकता आधारित बोनस देने का ऐलान किया है. बोनस के मद में रेलवे कर्मचारियों के अकाउंट में इस बार भी 17,951 रुपये क्रेडिट (Credit) होने जा रहे हैं. इसका फायदा लगभग 10.40 लाख रेल कर्मियों को होगा. बोनस के लिए 2009 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
दशहरा के ठीक पहले केंद्र सरकार ने देश भर के 11.40 लाख से अधिक रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) का ऐलान कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगा दी गई है.
हालांकि, यह फैसला ऐसे समय में आया है जब विभिन्न रेलवे यूनियनें और कर्मचारी संगठन बोनस की गणना के नियमों में बड़े बदलाव और वेतन सीमा बढ़ाने की जोरदार मांग कर रहे थे.
इन्हें मिलेगी राशि
- स्टेशन मास्टर
- ट्रैक मेंटेनर
- लोको पायलट
- ट्रेन मैनेजर (गार्ड)
- सुपरवाइजर
- टेक्नीशियन
- टेक्नीशियन हेल्पर
- पॉइंट्समैन
- रेल मंत्रालय के स्टाफ
- अन्य ग्रुप ‘C’ कर्मचारी
विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और संगठनों (जैसे भारतीय रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन – IRTSA) के तमाम दावों, सुझावों और उम्मीदों के विपरीत, सरकार ने पुरानी व्यवस्था को ही बरकरार रखा है. यूनियनों द्वारा यह लगातार मांग की जा रही थी कि लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए बोनस की गणना हेतु वेतन सीमा को बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाए और इसमें महंगाई भत्ते (DA) को भी जोड़ा जाए. इसके अलावा, अलग-अलग वेतन स्तरों के आधार पर बोनस तय करने के सुझाव भी दिए गए थे.
यूनियनों द्वारा वेतन सीमा बढ़ाने और नियमों में बदलाव की तमाम मांगें एक बार फिर हवा साबित हुईं. सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बरकरार रखते हुए 11.40 लाख से अधिक कर्मचारियों के खाते में 17,951 रुपये भेजने का फैसला किया है. हर साल बड़े-बड़े वादे और आंदोलन करने वाली यूनियनें इस बार भी सरकार के सामने अपनी बात मनवाने में पूरी तरह नाकामयाब रहीं, जिससे कर्मचारियों में मायूसी है.
यूनियनों की उम्मीदें भले ही पूरी तरह परवान नहीं चढ़ पाई हों, फिर भी त्योहारी सीजन से ठीक पहले सरकार के इस ऐलान से देश भर के 11,40,770 से अधिक रेल कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी जरूर लौट आई है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह बोनस कर्मचारियों के उत्कृष्ट योगदान और रेलवे के समग्र प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जा रहा है. बोनस का यह लाभ रेलवे के विभिन्न नॉन-गजेटेड पदों पर कार्यरत अमले को सीधे तौर पर मिलेगा, जिससे उनके घरों में फेस्टिव सीजन की रौनक और बढ़ेगी.
कितना मिलेगा कर्मचारियों को बोनस?
रेलवे कर्मचारियों कों 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस दिया जाता है, जिसका कैलकुलेशन 7,000 रुपये की मिनिमम सैलरी के आधार पर किया जाता है. इस हिसाब से उन्हें 17,951 रुपये दिए जाते रहे हैं. मिनिमम सैलरी की ये लिमिट साल 2014-15 से ही नहीं बदली गई है, जिसके चलते रेलकर्मियों के लिए बोनस की राशि भी 11 साल से नहीं बढ़ी है.



