कोलकाता. खड़गपुर रेल मंडल के सहायक लोको पायलट की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के बाद आक्रोशित सहकर्मियों द्वारा मारपीट, तोड़फोड़ करने और रेल सेवा को बाधित करने के आरोप में 8 चालकों को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है. रेल प्रशासन इन कर्मियों पर बर्खास्तगी की कानूनी कार्रवाई कर रहा है. इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गयी है, जिसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
सहायक लोको पायलट गुड्डू कुमार केसरी (28) का शव शनिवार को कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से झूलता मिला था. घटना के बाद सहकर्मियों ने क्रू लॉबी में विरोध प्रदर्शन किया. उनका आरोप था कि पदाधिकारियों के मानसिक उत्पीड़न के कारण ही केसरी को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा. उधर रेलवे की ओर से बताया गया कि प्रदर्शनकारी हिंसा पर उतर आये और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे समेत सामानों की तोड़फोड़ की. समझाने का प्रयास करने आये रेल अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मारपीट की गयी. रेलवे परिचालन बाधित किया गया. हालांकि देर रात तक रेलवे पदाधिकारी व प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता चल रही थी. प्रारंभिक जांच के बाद रेलवे प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 8 ट्रेन चालकों को सेवामुक्त करने की प्रक्रिया चल रही थी.
सहायक लोको चालक की मौत के बाद लोको कर्मियों ने सीसीटीवी कैमरे समेत सामानों की तोड़फोड़ की. समझाने गये रेल अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मारपीट की. फिलहाल ऐसे 8 लोको पायलटों को चिह्नित कर सेवामुक्त करने की गयी है. जांच समिति की रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
कुलदीप तिवारी, जनसंपर्क पदाधिकारी, खड़गपुर रेल मंडल
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सहायक लोको चालक की मौत के बाद लोको कर्मियों ने सीसीटीवी कैमरे समेत सामानों की तोड़फोड़ की. समझाने गये रेल अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मारपीट की. फिलहाल ऐसे 8 लोको पायलटों को चिह्नित कर सेवामुक्त करने की गयी है. जांच समिति की रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.