जून 2023 में ओडिशा रेल हादसे के बाद रेल यात्रियों की सुरक्षा को अधिक पुख्ता करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने रेलवे को स्पष्ट निर्देश दिया था कि रेलवे स्टेशनों पर काउंटर से खरीदे जाने वाले सभी टिकटों को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया जाए.
NEW DELHI. भारतीय रेलवे (Indian Railway) से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. अब तक ऑनलाइन माध्यमों से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को ही यात्रा बीमा (Travel Insurance) की सुविधा मिलती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रेलवे प्रशासन अब रेलवे स्टेशनों के रिजर्वेशन काउंटरों से मिलने वाले ऑफलाइन टिकटों पर भी बीमा सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है. यह नया नियम आगामी 27 अक्टूबर से देश भर में लागू कर दिया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हुआ बड़ा बदलाव
रेलवे के इस नए और बड़े बदलाव के पीछे मुख्य वजह जून 2023 में ओडिशा में हुई भीषण रेल दुर्घटना है. इस घटना के बाद रेल यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था. बीते 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने रेलवे को स्पष्ट निर्देश दिया था कि रेलवे स्टेशनों पर काउंटर से खरीदे जाने वाले सभी टिकटों को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया जाए.
अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो यात्री स्मार्टफोन या डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं करते हैं और शारीरिक रूप से रिजर्वेशन काउंटर पर टिकट खरीदने पर निर्भर हैं, वे बीमा सुरक्षा से वंचित न रहें. इस निर्देश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे बोर्ड को कड़ी चेतावनी भी दी है कि यदि इस नियम को लागू करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई, तो इसके लिए सीधे तौर पर रेलवे बोर्ड जिम्मेदार होगा.
क्या मिल सकता है बीमा कवर और कितना है प्रीमियम?
मौजूदा समय में IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय यात्रियों को बेहद कम खर्च पर बीमा का विकल्प मिलता है. ऑनलाइन व्यवस्था के तहत केवल 45 पैसे प्रति यात्री (टैक्स समेत) का प्रीमियम चुकाने पर पॉलिसी की शर्तों के अनुसार मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाता है.
हालांकि, रेलवे काउंटरों से मिलने वाले टिकटों के लिए लागू होने वाले प्रीमियम की सटीक राशि, इसके लिए जरूरी दस्तावेजों और क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया को लेकर रेलवे की तरफ से अभी विस्तृत गाइडलाइंस आनी बाकी हैं. लेकिन यह तय है कि इस सुविधा के शुरू होने से ऑफलाइन टिकट खरीदने वाले आम और गरीब वर्ग के यात्रियों को भी ऑनलाइन बुकिंग के बराबर ही सुरक्षा कवच मिल सकेगा.
यात्रियों के लिए यह बदलाव क्यों है जरूरी?
भारतीय रेलवे में रोजाना लाखों लोग काउंटर टिकटों के माध्यम से यात्रा करते हैं. इनमें बड़ी संख्या उन यात्रियों की होती है, जिनकी डिजिटल सेवाओं या इंटरनेट तक सीमित पहुंच होती है. ऐसे में काउंटर टिकटों पर बीमा कवरेज का विस्तार होने से बुकिंग के तरीकों के आधार पर यात्रियों की सुरक्षा में बना हुआ अंतर खत्म हो जाएगा. दिवाली के ठीक पहले लागू होने वाले इस नए नियम से यात्रियों को बड़ी सुरक्षा और मानसिक शांति मिलेगी.


