Close Menu
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Facebook X (Twitter) Instagram Threads YouTube Telegram
    Thursday, October 22
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    Rail HuntRail Hunt
    Subscribe
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Rail HuntRail Hunt
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • अभिमत
    • गपशप
    • मीडिया
    • समाज-संस्कृति
    Home » रेलवे के लिए टेंशन बने आईआईटीएन श्रवण, बदला जा सकता है स्थान
    देश-दुनिया

    रेलवे के लिए टेंशन बने आईआईटीएन श्रवण, बदला जा सकता है स्थान

    Railhunt News DeskBy Railhunt News DeskAugust 25, 2019
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    • मुंबई से बीटेक और एमटेक करने के बाद रेलवे में ग्रुप डी की ज्वाइन की नौकरी
    • देशव्यापी बहस का केंद्र बने श्रवण, रोजगार का संकट या सरकारी नौकरी का स्थायित्व

    रेलहंट ब्यूरो, जमशेदपुर

    रेलवे ग्रुप डी में ट्रैकमैन के पद पर ज्वाइन करने वाले आईआईटीएन श्रवण कुमार इन दिनों देशव्यापी बहस के केंद्र में हैं. रेलवे ज्वाइन करने के उनके कदम को एक बड़ा वर्ग रोजगार की कमी से जोड़कर देख रहा है तो दूसरी ओर लोग इसे सरकारी नौकरी के स्थायित्व व जॉब सिक्योरिटी के कारण उठाया गया कदम बता रहे. धनबाद रेलमंडल में 30 जुलाई को ट्रैकमैन के रूप में नौकरी शुरू करने वाले श्रवण को लेकर रेलवे अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गयी है. स्वयं सीनियर डीईएन को-आर्डिनेशन बीके सिंह ने श्रवण को बुलाकर उनके रेलवे ज्वाइन करने के पीछे का सच जानने का प्रयास किया है तो डीआरएम धनबाद अनिल कुमार मिश्रा ने भी श्रवण की काउंसेलिंग कर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर आईआईटी मुंबई की यह प्रतिभा मल्टीनेशनल कंपनियों की चकाचौंध को छोड़कर रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी में क्यों आयी?

    इसका जबाव धीरे-धीरे सामने आने लगा है. श्रवण कुमार मूल रूप से बिहार के रहने वाले है जहां के अधिकांश युवकों में मैट्रिक पास करने के बाद से ही सरकारी नौकरी पाने की ललक देखी जाती है. बड़ी संख्या में बिहार के युवक देश के विभिन्न हिस्सों में सरकारी नौकरियों में बड़े ओहदे पर प्रतिनियोजित भी है. स्वयं श्रवण कुमार ने रेलवे अधिकारियों से बातचीत में यह संकेत दिया कि सरकारी नौकरी में जॉब सिक्योरिटी होती है. यही कारण है कि उन्होंने यह कदम उठाया. श्रवण का मानना है कि उनके लिए विकल्प खुले है और उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दी है जिनका रिजल्ट आना बाकी है. हां, यह जरूरी है कि उनकी प्राथमिकता सरकारी नौकरी ही है. श्रवण के बड़े भाई रंजीत कुमार पटना में पीडब्ल्यूडी में है.

    इधर, रेलवे के स्तर पर वर्तमान ग्रेड में ही श्रवण की बेहतरी के लिए मंथन शुरू हो गया है. माना जा रहा है कि शुरुआती प्रशिक्षण अवधि के बाद उन्हें शीघ्र ही इंजीनियरिंग कंट्रोल अथवा दूसरे तकनीकी कार्य में प्रतिनियोजित कर उनकी सेवा ली जा सकती है. हालांकि रेलवे में पैरवी और पहुंच के लिए प्रतिनियोजन एक आसान रास्ता माना जाता है. देश के कई रेलमंडल में बड़ी संख्या में चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को मूल कार्य स्थल से हटाकर कार्यालयों में प्रतिनियोजित कर सेवा ली जा रही है. कुछ ऐसा कदम श्रवण के साथ भी किया जा सकता है.

    श्रवण ने साल 2010 में आईआईटी बॉम्बे के मेट्रोलॉजी एंड मैटेरियल साइंस ब्रांच में इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री कोर्स में एडमिशन लिया था. साल 2015 में उन्हें बीटेक और एमटेक की डिग्री दी गई. पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने रेलवे ग्रुप डी परीक्षा की तैयारी कर उसे क्रैक किया. अब वह धनबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रैकमैन का काम देख रहे हैं, उनकी पोस्‍टिंग 30 जुलाई को धनबाद रेल मंडल में की गई हैं. इसके बाद से ही यह बहस छिड़ गयी है कि आखिरकार आईआईटी बॉम्बे से पढ़े श्रवण कुमार ने बहु राष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी की जगह रेलवे ग्रुप डी के पद पर नौकरी करने की क्यों सोची? हालांकि इसका जबाव भी श्रवण ने दिया कि सरकारी नौकरी में जॉब सिक्योरिटी होती है. उनके कई दोस्त प्राइवेट सेक्टर में हैं, लेकिन वह सरकारी नौकरी ही करना चाहते थे. हालांकि ग्रुप डी ज्वाइन करने से पूर्व श्रवण को कार्य प्रकृति की अधिक जानकारी नहीं थी. उन्हें यह लगा था कि उन्हें तकनीकी कार्य मिलेगा.

    लेखक, कुमार मनीष, स्थानीय पत्रिका लहर चक्र के संपादक हैं, सूचनाओं पर आधारित समाचार में किसी सूचना अथवा टिप्पणी का स्वागत है, आप हमें वाट्सएप 6202266708 या मेल [email protected] पर भेज सकते है हम उसे पूरा स्थान देंगे. 

    can be replaced IITN Hearing becomes tension for railways
    Share. Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link
    Previous Articleविदिशा स्टेशन पर आत्महत्या करने जा रही युवती की आरपीएफ जवानों ने बचायी जान
    Next Article टाटानगर रेलवे आरक्षण केंद्र की दीवार गिरी, 3 लोग घायल
    Railhunt News Desk
    • Website
    • Facebook
    • X (Twitter)
    • Instagram

    देश के अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल्स और पत्रकारों का एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य रेलवे और परिवहन जगत की खबरों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करना है।

    Related Posts

    रेलहंट स्पेशल

    BILASPUR: 15 घंटे की अमानवीय थकान और ट्रांसफर के इंतजार में चली गई लोको पायलट की जान!

    October 11, 2026
    रेलहंट स्पेशल

    MATHURA: कागजी दावों के बीच दम तोड़ रहे रेलकर्मी, फरह स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से की-मैन राम सिंह की दर्दनाक मौत

    October 6, 2026
    रेलहंट स्पेशल

    ट्रेन सुरक्षा के बीच लोको पायलटों पर बढ़ा ‘अतिरिक्त दबाव’, रेलवे बोर्ड के नए आदेश से बढ़ा तनाव, टेल लैंप प्रक्रिया बनी नई चुनौती

    September 30, 2026
    Latest Posts

    रेलवे की सुरक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रेलवे क्रॉसिंग का बैरियर तोड़ना अब गैर-जमानती अपराध

    October 22, 2026

    शव के साथ घंटों इंतजार! 8 घंटे लेट हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल, गूंजे ‘इंडियन रेलवे हाय-हाय’ के नारे

    October 21, 2026

    TATANAGAR से पुरी के बीच बादामपहाड़ होकर चलेगी नई एक्सप्रेस ट्रेन, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

    October 21, 2026

    ECR: धनबाद में जीएम डिंपी गर्ग ने कहा – तीसरी और चौथी लाइन बिछने के बाद ही दिल्ली-बेंगलुरु की सीधी ट्रेनें

    October 20, 2026

    ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: अब काउंटर टिकट पर भी मिलेगा बीमा कवर, 27 अक्टूबर से नया नियम लागू

    October 19, 2026

    रेलवे ट्रैक पर हाथियों का ‘डेरा’, हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग किया जाम, चार ट्रेनें घंटों खड़ी रही

    October 18, 2026

    दक्षिण पूर्व रेलवे का नया गणित: 7 घंटे का ब्लॉक = 28 घंटे की कछुआ चाल, बंडामुंडा में इंजीनियरों ने रचा इतिहास!

    October 18, 2026

    पुणे जंक्शन पर RPF की साजिश बेनकाब!, यात्री को झूठे केस में फंसाया, कोर्ट ने किया खारिज

    October 17, 2026

    BILASPUR: RPF DG के जाते ही SECR जोन में ध्वस्त हुई व्यवस्था, रणक्षेत्र बना प्लेटफार्म, वेंडरों के दो गुट भिड़े

    October 16, 2026

    चक्रधरपुर रेल मंडल : 22 हजार रेलकर्मियों के खातों में पहुंची बोनस की राशि, यूनियनों की नाकामी पर दिखी नाराजगी

    October 16, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    • About Us
    • Advertisement
    • Write for Us
    • Editorial Policy
    • Privacy
    • Cookies Policy
    • Contact Us
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Railhunt Group