वेतन आयोग के सामने रेलवे की दोनों फेडरेशनों के बडे-बड़े दावों पर रेलकर्मी सवाल उठा रहे हैं. आम रेलकर्मियों ने कहा कि ‘जब तक पुरानी पेंशन पर ठोस रणनीति नहीं बनती, तब तक सब छलावा ही है’
NEW DELHI. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) और ऑल इंडिया रेलवेमैन फेडरेशन (AIRF) द्वारा न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 3.833 के फिटमेंट फैक्टर जैसी भव्य मांगें रखे जाने के बाद, अब जमीन पर काम करने वाले आम रेलकर्मियों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है.
एक तरफ जहां यूनियनों के इन बड़े दावों को ऐतिहासिक बताया जा रहा है, वहीं कई कर्मचारी यह सवाल भी खड़े कर रहे हैं कि क्या यह सिर्फ कागजी बयानबाजी और आंकड़ों का छलावा है, या फिर पुरानी संविदाओं और लंबे समय से लंबित भत्तों की तरह यह मांग भी सिर्फ वादों तक ही सिमट कर रह जाएगी?
जमीनी स्तर पर पसीना बहाने वाले कर्मचारियों का मानना है कि जब तक पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और कैडर रीस्ट्रक्चरिंग जैसे बुनियादी मुद्दों पर यूनियनें आर-पार की ठोस रणनीति नहीं बनातीं, तब तक ऐसे बड़े आंकड़े महज़ छलावा साबित हो सकते हैं.
8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष देश के दो प्रमुख रेलवे महासंघों, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) और ऑल इंडिया रेलवेमैन फेडरेशन (AIRF) ने अपनी डिमांड रखी है जिसका मसौदा फेडरेशनों से जारी बयान भी दिया है.
8वां वेतन आयोग : NFIR & AIRF की प्रमुख मांगें
8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष देश के दो प्रमुख रेलवे महासंघों, NFIR और AIRF ने रेलकर्मियों की अनूठी कार्यशैली और राष्ट्र निर्माण में उनकी ‘दूसरी रक्षा पंक्ति’ की भूमिका को आधार बनाते हुए कई ऐतिहासिक और वित्तीय मांगें रखी हैं.
1. वेतन संरचना और फिटमेंट फैक्टर
- सभी कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 प्रति माह तय किया जाए.
- वेतन संशोधन के लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर अपनाया जाए.
- वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए (न्यूनतम वित्तीय लाभ ₹10,000).
- सेवाकाल में वित्तीय ठहराव रोकने के लिए ओपन-एंडेड वेतनमान शुरू किए जाएं.
2. करियर उन्नति और सेवा शर्तें
- सेवाकाल के दौरान कम से कम पांच प्रमोशन का अनिवार्य प्रावधान हो.
- MACP के तहत APAR की बेंचमार्किंग ‘Very Good’ से घटाकर ‘Good’ की जाए.
- महंगाई भत्ता (DA) 25% होने पर उसे मूल वेतन में मिला दिया जाए.
3. पेंशन सुधार
- अंतिम वेतन का 67% हिस्सा पेंशन और 50% परिवार पेंशन के रूप में मिले.
- पेंशन कम्यूटेशन की कटौती अवधि 15 साल से घटाकर 11 साल की जाए.
4. भत्ते और विशेष लाभ
- सभी बंद भत्ते बहाल हों और सामान्य भत्ते 3 गुना तक बढ़ाए जाएं.
- नाइट ड्यूटी अलाउंस (NDA) और नेशनल हॉलिडे अलाउंस (NHA) की सीमा (Ceiling) पूरी तरह समाप्त की जाए.
- ‘रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस’ समेत सभी जॉब-स्पेशिफिक भत्ते दिए जाएं और कर्मचारियों के रेलवे पास में माता-पिता को भी शामिल किया जाए.
5. विशिष्ट संवर्गों की मांगें
- S&T संवर्ग (IRSTMU की मांग): ESM/TCM पदों के लिए न्यूनतम योग्यता B.Sc या डिप्लोमा निर्धारित हो.
- ट्रैक मेंटेनर और तकनीशियन: ट्रैक मेंटेनर्स को अन्य इंजीनियरिंग कैडर के तकनीशियनों के समकक्ष माना जाए और तकनीकी कैडर में बीच के वेतनमानों को आपस में मिलाया जाए.
- रनिंग स्टाफ: लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन गार्ड्स की जटिल कार्यप्रणाली के लिए विशेष वेतन संरचना तैयार की जाए.
इस डिमांड नोट में AIRF ने IRSTMU के मांग पर S&T ESM /TCM के न्यूनतम क्वालिफिकेशन B.sc or Diploma करने के प्रस्ताव पर मुहर लगायी है. IRSTMU के अध्यक्ष नवीन कुमार ने इस पहल का स्वागत किया है.


