RANCHI. झारखंड उच्च न्यायालय ने रेलवे सुरक्षा और संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा कानूनी कदम उठाया है. अदालत ने स्पष्ट रूप से यह निर्देश दिया है कि रेलवे क्रासिंग पर बंद गेट, चेन या बैरियर को तोड़ना अब रेलवे अधिनियम (Railway Act) के तहत गैर-जमानती अपराध (Non-bailable offense) माना जाएगा.
इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही उच्च न्यायालय ने रेल सुरक्षा बल (RPF) और केंद्र सरकार की संयुक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने पूर्व के एक आदेश में संशोधन कर दिया है.
क्या था पिछला मामला?
इससे पहले, 7 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी आनंद कुमार यादव की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए इस तरह के कृत्य को ‘जमानती अपराध’ की श्रेणी में माना था. आरोपी के अधिवक्ता की ओर से दलील दी गई थी कि वह रेलवे फाटक पार करने का प्रयास कर रहा था, तभी गेटमैन ने अचानक बैरियर गिरा दिया. इस कारण वह अपनी स्कूटी पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन फाटक के लोहे से जा टकराया, जिससे रेलवे संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
हालांकि, इसके बाद रेल सुरक्षा बल (RPF) और केंद्र सरकार ने अदालत में प्रभावी दलीलें पेश करते हुए कहा कि रेलवे अधिनियम की धारा 160(2) के तहत इस तरह के अपराध को जमानती मानना कानूनी प्रावधानों के अनुकूल नहीं है.
रेलवे अधिनियम की धारा 160(2) के तहत कड़े प्रावधान
आरपीएफ के तर्क, सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में अपराधों के वर्गीकरण का बारीकी से अध्ययन करने के बाद, झारखंड हाईकोर्ट ने माना कि रेलवे क्रासिंग के गेट या बैरियर को क्षति पहुंचाना या तोड़ना गंभीर श्रेणी में आता है. इसके बाद कोर्ट ने नया आदेश जारी किया.
- कानूनी कार्रवाई: इस अपराध के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर रेलवे अधिनियम की धारा 160(2) के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
- सजा का प्रावधान: इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 5 वर्ष तक के कारावास (सजा) का प्रावधान है.
रेलवे प्रशासन का संदेश- नियम नहीं तोड़े लोग
झारखंड हाईकोर्ट के इस कड़े रुख और फैसले से रेलवे क्रॉसिंग पर लापरवाही बरतने, जल्दबाजी में बैरियर तोड़ने या अनाधिकृत रूप से फाटक पार करने की कोशिश करने वालों पर लगाम कसेगी. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और आम जनता से अपील की है कि वे रेलवे क्रॉसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन करें और ट्रेन आवाजाही के दौरान सुरक्षा मानकों का पूर्ण सम्मान करें, ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके.


