Close Menu
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Facebook X (Twitter) Instagram Threads YouTube Telegram
    Thursday, October 22
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    Rail HuntRail Hunt
    Subscribe
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Rail HuntRail Hunt
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • अभिमत
    • गपशप
    • मीडिया
    • समाज-संस्कृति
    Home » रेलकर्मियों में गुस्सा, सरकार ले सबक : शिवगोपाल मिश्रा
    बोर्ड/जोन

    रेलकर्मियों में गुस्सा, सरकार ले सबक : शिवगोपाल मिश्रा

    Railhunt News DeskBy Railhunt News DeskMarch 16, 2018
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    • केंद्र सरकार ने रेल कर्मचारियों के साथ ही सभी केंद्रीय कर्मचारियों को ठगा
    • संसद पर प्रदर्शन में सभी जोनों/उत्पादन इकाईयों के रेलकर्मी हुए शामिल
    • एनपीएस खत्म करने सहित सभी न्यायोचित मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग

    नई दिल्ली. ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के आह्वान पर मंगलवार, 13 मार्च को बड़ी संख्या में रेल कर्मचारियों ने नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने, न्यूनतम वेतन एवं फिटमेंट फार्मूला में सुधार करने, रेलवे में ठेकेदारी प्रथा एवं निजीकरण पर रोक लगाने इत्यादि मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में एआईआरएफ से संबंधित सभी जोनों एवं उत्पादन इकाईयों से आए रेल कर्मचारी शामिल थे. बाद में महामंत्री कॉम. शिवगोपाल मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने रेल भवन में तमाम मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन रेलमंत्री पीयूष गोयल को सौंपा.

    संसद मार्ग पर निकाली गई इस विशाल रैली को संबोधित करते हुए एआईआरएफ के महामंत्री कॉम. शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से समस्त केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और इसी नाराजगी के चलते 11 जुलाई 2016 को एनसी-जेसीएम के आहवान पर सभी केंद्रीय कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था. परंतु चार वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों, जिसमें गृहमंत्री, वित्त मंत्री, रेलमंत्री एवं रेल राज्यमंत्री शामिल थे, के 30 जून 2016 को दिए गए स्पष्ट आश्वासन के बाद कि वे निश्चित तौर पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की समस्याओं का निदान करेंगे, हड़ताल को टाल दिया गया था. यह विडम्बना ही है कि 18 महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी अभी तक केंद्र सरकार ने रेल कर्मचारियों के साथ-साथ केंद्रीय कर्मचारियों की किसी भी उचित मांग का निराकरण नहीं किया है.
    कॉम. मिश्रा ने कहा कि यही नहीं, विगत बजट में वेतनभोगी कर्मचारियों पर इनकम टैक्स की छूट न देते हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन के नाम पर उनके वेतन में कटौतियां बढ़ा दी गई हैं. उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद बाजार भाव बेतहाशा बढ़े हैं और महंगाई ने वेतनभोगी कर्मचारियों की कमर तोड़ दी है. भारतीय रेलों पर निजीकरण एवं ठेकेदारी के चलते जहां एक तरफ रेलवे की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं 6 लाख से ज्यादा ठेका श्रमिकों का जबरदस्त शोषण हो किया जा रहा है.

    उन्होंने कहा कि रेल कर्मचारी जो रात-दिन, 24 घंटे प्रत्येक मौसम में मेहनत करके भारतीय रेल के विकास के पहिए को अपनी शहादत देकर भी लगातार चला रहे हैं, उनकी वर्किंग एवं लिविंग कंडीशन में एआईआरएफ के लगातार प्रयास के बाद भी उचित सुधार नहीं हो पा रहा है. भारत सरकार, रेल मंत्रालय के पास आश्वासन के अलावा इन मांगो के समाधान की दिशा में न तो कोई ठोस कदम उठाया जा रहा हैं, और न ही अब तक कोई नीति बनाई गई है. इससे मजबूर होकर देश के कोने-कोने से रेलकर्मियों को बड़ा जन-सैलाब आज संसद पर अपना रोष व्यक्त करने आया है.

    कॉम मिश्रा ने कहा कि नई पेंशन नीति के रिव्यू कि लिए बनाई गई समिति ने लगभग नौ महीने पहले भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी, परंतु उसमें क्या है, उसे गोपनीय रखकर केंद्र सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को रेलकर्मियों के गुस्से से सबक लेना चाहिए और उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने का प्रयास करना चाहिए, अन्यथा मजबूर होकर उन्हें इस संघर्ष को और आगे बढ़ाना पड़ेगा और इसकी सारी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी.

    इस रैली की अध्यक्षता एआईआरएफ के अध्यक्ष कॉम. रखाल दासगुप्ता ने किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार एवं रेल मंत्रालय को हमने वर्ष 1974 से अब तक रेलों को बहुत शांति के साथ प्रगति पथ पर चलाने का अवसर प्रदान किया है. हम नहीं चाहते कि रेलों के संचालन में कोई बाधा आए, क्योंकि हमें देश की अर्थव्यवस्था की चिंता है. ऐसे में सरकार को भी हमारे सब्र का इम्तिहान नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि सरकार संसद मार्ग पर आए इस भारी जन-सैलाब की आवाज को तरजीह देगी और शीघ्र ही नई पेंशन योजना, न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फार्मूला, निजीकरण पर रोक आदि समस्याओं का तत्काल समाधान करेगी, अन्यथा हमें आने वाले समय में एक मजबूत संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए.

    रैली को एआईआरएफ के कोषाध्यक्ष जे. आर. भोसले और अन्य शीर्ष नेताओं के अलावा एनयूएसआई के महामंत्री अब्दूल गनी ने भी संबोधित किया.
    साभार : रेलवे समाचार

    airf
    Share. Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link
    Previous Articleपूर्वोत्तर रेलवे : शिवराज सिंह ने सीसीएम का पदभार संभाला
    Next Article चक्रधरपुर : आरपीएफ के 10 सब-इंस्पेक्टर व 14 हवालदार का तबादला
    Railhunt News Desk
    • Website
    • Facebook
    • X (Twitter)
    • Instagram

    देश के अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल्स और पत्रकारों का एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य रेलवे और परिवहन जगत की खबरों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करना है।

    Related Posts

    बोर्ड/जोन

    ECR: धनबाद में जीएम डिंपी गर्ग ने कहा – तीसरी और चौथी लाइन बिछने के बाद ही दिल्ली-बेंगलुरु की सीधी ट्रेनें

    October 20, 2026
    बोर्ड/जोन

    RAILWAY BONUS 2026 : रेलकर्मियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस, अकाउंट में आने वाले हैं इतने रुपये…

    October 14, 2026
    रेल यूनियन

    दर्दनाक हादसा: वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आकर S&T के सीनियर टेक्टीशियन की मौत

    October 10, 2026
    Latest Posts

    रेलवे की सुरक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रेलवे क्रॉसिंग का बैरियर तोड़ना अब गैर-जमानती अपराध

    October 22, 2026

    शव के साथ घंटों इंतजार! 8 घंटे लेट हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल, गूंजे ‘इंडियन रेलवे हाय-हाय’ के नारे

    October 21, 2026

    TATANAGAR से पुरी के बीच बादामपहाड़ होकर चलेगी नई एक्सप्रेस ट्रेन, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

    October 21, 2026

    ECR: धनबाद में जीएम डिंपी गर्ग ने कहा – तीसरी और चौथी लाइन बिछने के बाद ही दिल्ली-बेंगलुरु की सीधी ट्रेनें

    October 20, 2026

    ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: अब काउंटर टिकट पर भी मिलेगा बीमा कवर, 27 अक्टूबर से नया नियम लागू

    October 19, 2026

    रेलवे ट्रैक पर हाथियों का ‘डेरा’, हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग किया जाम, चार ट्रेनें घंटों खड़ी रही

    October 18, 2026

    दक्षिण पूर्व रेलवे का नया गणित: 7 घंटे का ब्लॉक = 28 घंटे की कछुआ चाल, बंडामुंडा में इंजीनियरों ने रचा इतिहास!

    October 18, 2026

    पुणे जंक्शन पर RPF की साजिश बेनकाब!, यात्री को झूठे केस में फंसाया, कोर्ट ने किया खारिज

    October 17, 2026

    BILASPUR: RPF DG के जाते ही SECR जोन में ध्वस्त हुई व्यवस्था, रणक्षेत्र बना प्लेटफार्म, वेंडरों के दो गुट भिड़े

    October 16, 2026

    चक्रधरपुर रेल मंडल : 22 हजार रेलकर्मियों के खातों में पहुंची बोनस की राशि, यूनियनों की नाकामी पर दिखी नाराजगी

    October 16, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    • About Us
    • Advertisement
    • Write for Us
    • Editorial Policy
    • Privacy
    • Cookies Policy
    • Contact Us
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Railhunt Group