- दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में डीआरएम ने लिया सम्मान, टीम भावना को दिया श्रेय
- मुस्कुराहट के कायल हो गये अधिकारी-यूनियन नेता, बिना डांट-डपट करा लिया काम
- 109 एमटी के लक्ष्य दो माह पूर्व हासिल किया, अब तक 111 एमटी हो चुकी है लोडिंग
NEW DELHI. सहज व्यक्त्वि, चेहरे पर हमेशा मुस्कान, गलत को शालीनता से इनकार कर मुस्कुराते हुए बड़ी से बड़ी बात कह जाने वाले चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक छत्रसाल सिंह को प्रबंधकीय क्षमता व उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन के लिए लीडरशिप व एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया है. गुरुवार सात मार्च को दिल्ली में आयोजित समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव की मौजूदगी में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने यह पुरस्कार डीआरएम छत्रसाल सिंह को दिया. 68 रेलमंडल में 11 मंडल रेल प्रबंधकों को यह पुरस्कार दिया गया है. इस मौके पर सभी जोन के महाप्रबंधक भी मौजूद थे.

लीडरशीप व एक्सीलेंस अवार्ड के लिए डीआरएम छत्रसाल सिंह को चक्रधरपुर रेलमंडल में 109 मिलियन टन का लोडिंग लक्ष्य तय समय से पूर्व जनवरी 2019 में ही प्राप्त कर लेने के लिए चुना गया. चक्रधरपुर रेलमंडल ने 109 एमटी के लक्ष्य की जगह जनवरी माह के अंत तक 111 मिलियन टन का लक्ष्य पा लिया था. यह उपलब्धि भी उन विपरित परिस्थितियों में पायी गयी जबकि आयरन ओर की लोडिंग के लिए रैक की उपलब्धता काफी कम या कहीं सीमित थी. यहां यह बताना लाजिमी होगा कि अभी कोयले की लोडिंग में रेलवे अधिक रैक दे रहा है. इस साल लोडिंग का यह आकड़ा और बढ़ेगा.

इसके अलावा पश्चिम रेलवे से रत्लाम और अहमदाबाद मंडल को चुना गया. रत्लाम मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर ने भी अपनी उपलब्धियों के लिए वाहवाही बटोरी. उन्हें नयी तकनीक से पुराने हो चुके ब्रिज की उम्र बढ़ाने के लिए गार्डर लगवाने और हैरिटेज ट्रेन चलाने के लिए सम्मानित किया गया है. हैरिटेज ट्रेन चलाने के लिए मंडल को बोर्ड ने एक लाख का पुरस्कार भी दिया है. वहीं कुंभ मेला 2019 को सकुशल आयोजन में रिकार्ड तोड़ स्पेशल ट्रेन चलाने और 75 लाख से अधिक पैसेंजर्स को सकुशल रवाना किए जाने के रिवार्ड के रूप में एनसीआर के इलाहाबाद मंडल रेल प्रबंधक अमिताभ को भी सम्मानित किया गया.
टीम भावना और कर्मचारियों के सम्मान से मिलती गयी उपलब्धि

23 अप्रैल 2017 को निर्वतमान मंडल रेल प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद से प्रभार लेने के बाद अपने पहले ही संबोधन में छत्रसाल सिंह ने स्पष्ट कर दिया था कि वह टीम भावना से रेलवे की प्रगति व उन्नति सुनिश्चित करायेंगे, जिसमें कर्मचारियों की भूमिका अहम होगी. इसे बखूबी उन्होंने कर भी दिखाया है. बतौर मंडल रेल प्रबंधक छत्रसाल सिंह ने किसी भी यूनियन को निराश नहीं किया. मुस्कुराते हुए सबकी बात सुनी ओर रेलकर्मियों के हित में बेहतर निर्णय लेकर अपनी प्रबंधकीय क्षमता का लोहा मनवाया. रेलमंडल में डीआरएम से सीधे संपर्क में आने वाले अधिकारी और यूनियन नेता छत्रसाल सिंह के मुस्कुराहट के कायल हो गये है. अधिकारी भी इस बात को मानते है कि बिना डांट-डपट किये अपने अधीनस्तों से काम करना डीआरएम छत्रसाल सिंह से सीखा जा सकता है.
सहज व्यक्त्वि, चेहरे पर हमेशा मुस्कान, गलत को शालीनता से इनकार कर मुस्कुराते हुए बड़ी से बड़ी बात कह जाने वाले चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक छत्रसाल सिंह को प्रबंधकीय क्षमता व उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन का लोहा मनवाया है. अधिकारी और यूनियन नेता भी मानते है कि बिना डांट-डपट किये अपने अधीनस्तों से काम करने की कला डीआरएम छत्रसाल सिंह से सीखी जा सकती है.
65 करोड़ के बकाये भत्ता बोझ से मंडल को कराया मुक्त, खुली दो अफसरों की पोल

छात्रसाल सिंह ने रेलमंडल को बकाया भत्ता मद में 65 करोड़ के बोझ से मुक्त कराया, जिसका सीधा फायदा यहां के हजारों रेलकर्मियों को मिला. बकाया भत्ता को लेकर डीआरएम से लेकर जीएम तक को कई साल से सीनियर डीएफएम और सीनियर डीपीओ गुमराह कर रहे थे. रेलवे यूनियनों द्वारा मुद्दा सामने लाये जाने पर डीआरएम छत्रसाल सिंह ने अपनी ओर से करायी गयी जांच और उनकी रिपोर्ट पर जीएम ने दोनों पदाधिकारियों को वेतन तक रोक दिया. इसके बाद विशेष आवंटन से रेलकर्मियों को भत्ता दिलाया गया. रेलकर्मियों के लिए डांगुवापोसी में केंद्रीय विद्यालय की पहल की विशेष उपलब्धियों में शामिल रही. मंडल में सभी रनिंग रुम में आत्याधुनिकीकरण कर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में वे सफल रहे. बड़ी बात यह रही कि रेलकर्मियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छत्रसाल सिंह अपने निजी संपर्क दायरे का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं रहे. रेलवे मेंस कांग्रेस ने इस उपलब्धि पर डीआरएम छत्रसाल सिंह का अभिनंदन किया. इस मौके पर जोनल महामंत्री शिवारंजन मिश्रा, मंडल को-आर्डिनेटर शशि रंजन मिश्रा आदि मौजूद थे.
यात्री सुविधाओं में जोड़े नये आयाम, मिली सीनियर डीसीएम का सहयोग

रेलमंडल में यात्री सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी का प्रयास छत्रसाल सिंह की रणनीति का अहम हिस्सा रहा. कई ट्रेनों का विभिन्न स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव, कई ट्रेनों का विस्तार, जलियावाला बाग एक्सप्रेस में पेंट्रीकार की सुविधा के अलावा चक्रधरपुर से टाटानगर के बीच दोपहर में पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत बड़ी उपलब्धि रही. वर्तमान में यह ट्रेन यात्रियों ही नहीं रेलकर्मियों के बीच भी सबसे पापुलर ट्रेन बन चुकी है. आदित्यपुर स्टेशन को पिंक स्टेशन के रूप में महिला स्टेशन घोषित करना डीआरएम की अहम उपलब्धि रही. रेल मंडल में चाईल्ड हेल्प लाइन व वीमेंस डेस्क की व्यवस्था, टाटानगर और राउरकेला स्टेशन पर ओला सेवा समेत कई यात्री सुविधाओं को जमीन पर उतराया गया जिसमें रेलमंडल के सीनियर डीसीएम भास्कर का सहयोग उल्लेखनीय रहा.


