NEW DELHI. भारतीय रेलवे अब सिर्फ एक यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि यात्रियों के अनुभव को सुखद, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है. इसी क्रम में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री सतीश कुमार ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक विशेष ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम के तहत यात्रियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया. इस पहल का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता के स्तर को और ऊंचा उठाना, सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा यात्रियों की समस्याओं व सुझावों को सीधे सुनकर उन पर त्वरित कार्रवाई करना है.
जनभागीदारी और संवाद पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने यात्रियों को भारतीय रेल द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी दी. उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि रेलवे स्टेशनों को पूरी तरह स्वच्छ और कचमुक्त बनाने के लिए केवल प्रशासन के प्रयास नाकाफी हैं, बल्कि इसमें जनभागीदारी (Public Participation) का बढ़ना बेहद जरूरी है. जब तक यात्री और आम नागरिक खुद को स्टेशन की सफाई के प्रति जिम्मेदार नहीं मानेंगे, तब तक स्थायी बदलाव लाना मुश्किल है. यही वजह है कि रेलवे प्रशासन अब जनता के बीच जाकर उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को जानने का प्रयास कर रहा है.
स्वच्छाग्रहियों का सम्मान और नुक्कड़ नाटक का आयोजन
इस अवसर पर रेलवे स्टेशन पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 20 ‘स्वच्छाग्रहियों’ को उनकी निष्ठा और सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया. रेलवे परिसरों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया, जिसने वहां मौजूद यात्रियों का ध्यान खींचा और उन्हें सफाई बनाए रखने का एक प्रेरणादायक संदेश दिया. इसके अलावा, कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और यात्रियों को सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई.
दिल्ली मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर भी गूंजा स्वच्छता का संदेश
यह अभियान केवल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि दिल्ली मंडल के अंतर्गत आने वाले अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी व्यापक स्तर पर ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इन स्टेशनों में:
- हज़रत निज़ामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली जंक्शन
- दिल्ली सराय रोहिल्ला, दिल्ली कैंट, शकूरबस्ती
- फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा/आसपास के क्षेत्र
- मेरठ सिटी, मेरठ कैंट, मुज़फ्फरनगर, शामली
- कुरुक्षेत्र, रोहतक, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद जंक्शन, जाखल और नरवाना
जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन शामिल रहे. इन सभी स्थानों पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने यात्रियों से संवाद किया और स्टेशन पर मिलने वाली यात्री सुविधाओं, खान-पान, सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर उनकी प्रतिक्रियाएं प्राप्त कीं.
यात्री-केंद्रित प्रशासन की प्रतिबद्धता
यह पूरा आयोजन भारतीय रेलवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत वह यात्री-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने और जन शिकायतों के प्रति संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यात्रियों का फीडबैक व्यवस्थाओं में सुधार लाने का सबसे सशक्त माध्यम है.
इस दौरान श्री सतीश कुमार के साथ श्री राजेश कुमार पाण्डेय, श्री पुष्पेश रमण त्रिपाठी समेत रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. अंत में यह संदेश दिया गया कि एक स्वच्छ, कुशल और आधुनिक रेलवे प्रणाली के सपने को साकार करने के लिए यात्री संतुष्टि, जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी ही सफलता की असली कुंजी हैं.


